वी.के.त्रिवेदी, ब्यूरो चीफ, लखीमपुर-खीरी (यूपी), NIT:

लखीमपुर खीरी के जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में पूर्व सांसद जफर अली नकवी ने बताया कि कोरोना महामारी के कारण लॉकडाउन से पूरा जनजीवन प्रभावित है। हर वर्ग के ऊपर भयंकर आर्थिक मार पड़ रही है। किसान, नौजवान, व्यापारी, मज़दूर वर्ग विकट स्थिति में है। आर्थिक संकट ने सभी को अपनी चपेट में ले लिया है, ऐसी स्थिति में हम सरकार से मांग करते हैं कि सभी वर्गों की आर्थिक सहायता की जाए साथ ही नकवी ने भाजपा सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि सिर्फ 4 घंटे के नोटिस पर लॉकडाउन करने के कारण लाखों मजदूर, कामगार घर लौटने से वंचित हो गए हैं। सन् 1947 के बंटवारे के बाद देश ने पहली बार यह दिल दहलाने वाला मंजर देखा है।

हजारों श्रमिक कामगार पैदल चलकर वापसी के लिए मजबूर हो गए, न राशन, न पैसा, न दवाई, न ही साधन सिर्फ अपने घर जाने की लगन, उनकी व्यथा सोच कर ही मन कांप जाता है। सरकार का कर्तव्य क्या है उनके कानों पर जूं तक नहीं रेंगा, ऐसी घड़ी में भारत सरकार व रेल मंत्रालय मजदूरों से पैसा वसूल रही है। दूसरी ओर विदेशों में फंसे भारतीयों को निःशुल्क हवाई जहाजों से भी लाया गया परंतु गरीबों के लिए सरकार के पास कोई व्यवस्था नहीं है। केंद्र सरकार राहत के नाम पर 20 लाख करोड़ का पैकेज भी हवा हवाई साबित हो रहा है। इस संकट की घड़ी में किसान, व्यापारी, कर्मचारी, मजदूर को राहत की आवश्यकता है, सरकार लोन मेला का आयोजन कर रही है, जो सिर्फ़ गुमराह किया जा रहा है। इस महामारी में सभी वर्ग पीड़ित हैं सरकार कर्जा बांटकर दोहरी मार मारने का कार्य कर रही है आने वाले समय में हिंदुस्तान की जनता इसका जवाब देगी राहत के नाम पर लोन दिया जा रहा है लोन देना कौन सी राहत है।
