सरवर खान जरीवाला, भोपाल, NIT;
इंदौर में चैकिंग के दौरान एक ट्रैफिक पुलिस ने वाहनों को रोक कर लोगों के साथ अभद्रता की, जब एक बुजुर्ग ने इसका विरोध किया तो वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने अपशब्द कहते हुए उनके साथ मारपीट शुरु कर दी। मामला सोशल मीडिया पर वायर होने के बाद गर्मा गया और शाम को गृह मंत्री भूपेन्द्र सिंह ने इस पूरे मामले में संबंधित अधिकारी को लाइन हाजिर करने के निर्देश दिए हैं। गृह मंत्री भूपेन्द्र सिंह ने यह कदम सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो को देखने के बाद उठाया है। इस वीडियो में वाहन चैकिंग के दौरान इंदौर के राजेन्द्र नगर ब्रिज पर थाना प्रभारी (यातायात) एम.पी. ओझा एक वरिष्ठ नागरिक के साथ अभद्र व्यवहार कर रहे थे। गृह मंत्री ने घटना से संबंधित जानकारी लेकर टीआई एमपी ओझा को पत्रकार के साथ बदसलूकी के मामले में विजय नगर आरक्षक हरि सिंह को फ़िलहाल लाईन अटैच किया है और एएसपी को जांच सौंपी गई है। वहीं पूरे मामले को डीआईजी हरिनारायण चारी ने गंभीरता से लिया है। आम लोगों के साथ बदसलूकी को लेकर पुलिस महकमे के लोगों को सख़्त निर्देश दिए गए हैं। ऐसे मामले सामने आने पर सख्त कार्रवाई की बात भी की है।
गौरतलब है कि बुजुर्ग का सिर्फ इतना दोष था की वे पुलिसकर्मी से पूछ रहे थे की चेकिंग के दौरान क्या पुलिस को वाहन की चाभी निकालने का हक है? जब एक व्यक्ति इस घटना का वीडियो बनाने लगा तो पुलिसकर्मी ने उसका मोबाइल छीन लिया और उसके साथ भी मारपीट करने लगा। पुलिस द्वारा बुजुर्ग से मारपीट की घटना के बाद इलाके के लोग आक्रोशित हैं। वहीं, दूसरे वीडियो में कवरेज के लिए गए रीजनल चैनेल के पत्रकार के साथ थाने के जवान ने मारपीट की है।
वहीं एक हथकड़ी लगे आरोपी को पुलिस ले जा रही है जो मोबाइल का उपयोग भी कर रहा है। मीडियाकर्मी जब आपत्ति उठाते हैं तो उनसे ही पूछ लिया जाता है क्या आप अधिकारी हैं?
