सुफियान सिद्दीक़ी, भोपाल (मप्र), NIT:

मिज़ोरम, उत्तरप्रदेश और उत्तराखंड के पूर्व राज्यपाल अज़ीज़ कुरैशी ने तल्ख़ रवैये में सरकार और दिल्ली प्रशासन पर सवाल उठाए हैं। अज़ीज़ कुरैशी का कहना है कि यदि मौलाना साद साहब के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा सकती है तो मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री के शपथग्रहण समारोह का आयोजन किया गया, उन लोगों पर एफआईआर क्यों दर्ज नहीं किया जाना चाहिए? क्या शपथग्रहण समारोह में 5 से अधिक लोग उपस्थित नहीं थे?
अज़ीज़ कुरैशी ने यह सवाल भी उठाए :-
▪ इस गैरकानूनी भीड़ को इकट्ठा करने वालों के खिलाफ एफआईआर क्यों नहीं ?
▪उन अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर क्यों नहीं की गई, जिन्होंने हजारों मज़दूरों के सामूहिक प्रवास को नहीं रोका और वे भी पैदल यात्रा कर रहे थे?
▪मानवता के इस थोक नरसंहार के लिए सरकार के सभी जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर क्यों नहीं।
अज़ीज़ कुरैशी ने भारत की अवाम से अपील करते हुए कहा है कि भारत के लोग इन सब सवालों का जवाब सरकार से मांगें।
