रहीम शेरानी, ब्यूरो चीफ, झाबुआ (मप्र), NIT:

संपूर्ण लॉक-डाउन के चलते मेघनगर में गुरुवार को भी पूरी तरह बंद रहा यहां तक कि दवाई की कई दुकानें भी बंद रहीं। गुरुवार को रामनवमी के चलते लोगों ने अपने-अपने घरों में ही पूजा आदि धार्मिक अनुष्ठान किए।
सामान्य दिनों में रामनवमी को मेघेश्वर महादेव मंदिर सहित नगर के कई धार्मिक स्थलों पर भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती थी वहीं आज इन सभी धार्मिक स्थलों के द्वार आम जनता के लिए बंद रहे। इन मंदिरों में सिर्फ पुजारी को ही पूजा अर्चना करने की छूट के चलते भक्तगण भगवान से दूर रहे।

इधर जैन धर्मावलंबियों में सामूहिक आयम्बिल ओली स्थगित कर दी गई तथा सभी तपाराधकों द्वारा अपने-अपने घर पर ही यह आराधना की जा रही है।
आदिवासी समाज में भी इन दिनों लग्नसरा का आयोजन होता है लेकिन संपूर्ण लॉकडाऊन को देखते हुए तथा शासन के नियमों का पालन करते हुए आदिवासी समाज ने भी सभी वैवाहिक कार्यक्रम निरस्त कर दिए।
फुटतालाब मंदिर में भी छाया सन्नाटा

राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त वनेश्वर मारुतिनंदन हनुमान कुटीर मंदिर पर नवरात्र के अवसर पर विशाल आयोजन किए जाते थे।
इसमें हजारों श्रद्धालुओं के अलावा सैकड़ों संत महंतों एवं दर्जनों कलाकारों द्वारा यहां अपनी उपस्थिति में कई गरिमामयी कार्यक्रम होते थे।
ये कार्यक्रम नवरात्रि की एकम से शुरू होकर पूर्णिमा तक चलते थे। इस दौरान रामनवमी, हनुमान जयंती तथा महावीर जयंती पर विशेष आयोजनों की प्रस्तुतियां होती थी तथा यहां भव्य मेला भी मंदिर परिसर में लगता था।
मंदिर समिति द्वारा हजारों लोगों की भोजन प्रसादी हेतु भंडारा लगाया जाता था लेकिन कोरोना संक्रमण के मद्देनजर ये सभी कार्यक्रम निरस्त कर दिए गए। समिति के सुरेशचंद जैन पप्पू भैया ने बताया कि इन दिनों यहां पर बाहर से आने वाले यात्रियों के भोजन की व्यवस्था पंडाल लगाकर की जा रही है तथा समस्त यात्रियों के विश्राम आदि की व्यवस्था के साथ उन्हें घर भेजने की व्यवस्था भी की गई है। सैकड़ों यात्रियों को स्वास्थ्य परीक्षण के बाद राजस्थान तथा मध्यप्रदेश के सुदूरवर्ती क्षेत्रों में वाहनों द्वारा नि:शुल्क भेजा गया है।
फुटतालाब मंदिर मे इन दिनों समाजसेवी द्वारा विशाल पांडाल लगा कर बाहर से आने वाले व जरूरतमंदों को स्वादिष्ट भोजन वितरित किया जा रहा है नगर के गरीब लोगों के घर तक भी पहुंचाया जा रहा है।
