संदीप शुक्ला/चेतन रजक नीमच (मप्र), NIT:

नीमच जिला कलेक्टर जितेंद्र सिंह राजे एवं जिला पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार रॉय ने मानवीय संवेदना के तहत जिले के अलग-अलग स्थानों पर अन्य जिलों से मजदूरी हेतु आए 4500 मजदूरों को स्वास्थ्य परिक्षण पश्चात भोजन का प्रबंध करवाकर अपने-अपने मूल निवास स्थान तक पहुँचाने संबंधी व्यवस्था की।
जिला नीमच के अलग-अलग क्षेत्रों में रतलाम, बाजना, रावटी, बांसवाड़ा, प्रतापगढ़, पेटलावद, झाबुआ, जोबट एवं कोटा से मजदूरी हेतु जिले में रह रहे थे। कोरोना वायरस के संक्रमण के कारण लॉक डाउन से निर्माण कार्य बन्द होने से इन लोगों पर रोजी रोटी का संकट छा गया तथा परिवहन व्यवस्था बन्द होने से इन मजदूरों का अपने मूल निवास स्थान पर जाना भी सम्भव नहीं हो पाया। ऐसे में मजदूर वर्ग पैदल ही अपने मूल निवास स्थान पर सैंकड़ों की तादाद में जाने लगे एवं शहर के चेकिंग पॉइंट पर इन मजदूरों को रोका जाने से उक्त स्थानों पर भीड़ बढ़ने लगी।
जिला कलेक्टर श्री जितेंद्र सिंह राजे एवं जिला पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार रॉय द्वारा उक्त स्थिति को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को उनके स्वास्थ्य परिक्षण पश्चात भोजन आदि की व्यवस्था कर बसों के माध्यम से उनके मूल निवास स्थान भेजे जाने के निर्देश दिये गए।
पुलिस प्रशासन द्वारा जिला परिवहन अधिकारी के सहयोग से दिनांक 27 मार्च व 28 मार्च को पुलिस कंट्रोल रूम नीमच एवं जिले के विभिन्न चेकिंग पॉइंट से लगभग 4500 मजदूरों को स्वास्थ्य परिक्षण पश्चात भोजन आदि की व्यवस्था कर उनके मूल निवास स्थानों पर बसों एवं ट्रकों के माध्यम से रवाना किया गया।
