NTPC के ऐश (छाय) से आस -पास के गांवों के सैकड़ों लोग भयंकर बीमारियों की चपेट में, NTPC प्रशासन बेखबर क्यों ? | New India Times

अतिश दीपंकर, पटना (बिहार), NIT; ​NTPC के ऐश (छाय) से आस -पास के गांवों के सैकड़ों लोग भयंकर बीमारियों की चपेट में, NTPC प्रशासन बेखबर क्यों ? | New India Timesबिहार के भागलपुर जिले के कहलगांव एनटीपीसी के ऐश से आस-पास के गांव वालों का जीना दूभर हो गया है। गांव के लोग भयंकर बीमारियों की चपेटमें आ रहे हैं। NTPC  से उडने वाला ऐश घरों, घरों के किचनो में इस तरह से जमा हो जाता है जैसे पूरा घर, पूरा गांव एवं गांव के लोग NTPC के उड़ते ऐश से स्नान किये हुए हों। मगर NTPC प्रशासन इन सब से बेखबर है।

 स्थानीय लोग का कहना है कि NTPC के ऐश से जीना महाल है।  घर में रहना, खाना ,सोना, उठना-बैठना मुश्किल हो गया है। घरों के दीवारों पर ,छत ,दुकान के काउंटर पर ,खाना की थाली पर, शरीर पर ,चेहरा पर, ऐश जमा हो जाता है जिससे यहां के लोग काफी परेशान हैं और यह परेशानी यहां के लोग खुद बयान कर रहे हैं।​NTPC के ऐश (छाय) से आस -पास के गांवों के सैकड़ों लोग भयंकर बीमारियों की चपेट में, NTPC प्रशासन बेखबर क्यों ? | New India TimesNTPC के आसपास के गांव में NTPC के उड़ते ऐश घरों में भी बिखरा देखने को मिला। लोगों का आरोप है कि ,ऐश के उड़ने से उन्हें होने वाली परेशानी एवं होने बाले कई प्रकार के रोग उत्पन्न होने से बचने के लिए NTPC प्रशासन कुछ नहीं कर रही है। हम लोगों का जीना बेहाल है। कई तरह की गंभीर बीमारियां उत्पन्न हो रही है। टीबी, दम्मा आदी की बीमारी सहित कई गंभीर बीमारी NTPC के ऐश से लोगों को हो रही हैं, ऐसा लोगों का कहना है। डॉक्टरों ने भी माना है कि, NTPC के ऐश से लोगों में कई तरह के गंभीर रोग उत्पन्न हो रहे हैं।

स्थानीय डॉ शैलेंद्र कुमार सिंह ने कहा की मेरे पास ऐसै कई मरीज आए थे जिसे ऐश से कई गंभीर बीमारी हुआ है। कई मरीजों का आज भी इलाज भी हो रहा है। 

NTPC के आसपास गांव वालों का कहना है कि ऐश से बचने के लिए हम लोग पानी का छिड़काव करते हैं जबकि एनटीपीसी प्रशासन को को पानी का छिड़काव करवना चाहिए लेकिन एन टी टी सी के द्वारा पानी छिड़काव बहुत कम होता है ना के बराबर। हम लोग को ही पानी का छिड़काव करना पड़ता है। गांव वालों ने कहा की NTPC के उड़ते ऐश से हम लोगों का उम्र भी घट रही है हम लोगों का जीना बेहाल हो गया है।

जाहिर है कि NTPC के आस-पास के गांव वालों को धुआं, धूल आदि झेलना पड़ता है। ऐसे में NTPC प्रशासन कुछ नहीं करती है तो गांव के लोगों का आक्रोश NTPC के खिलाफ फूट सकता है।

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