मिशन भु-माफिया का मेघनगर में नहीं हो रहा है असर, औद्योगिक क्षेत्र में संचालित हो रहा है स्कूल | New India Times

रहीम शेरानी, ब्यूरो चीफ, झाबुआ (मप्र), NIT:

मिशन भु-माफिया का मेघनगर में नहीं हो रहा है असर, औद्योगिक क्षेत्र में संचालित हो रहा है स्कूल | New India Times

कमलनाथ सरकार ने भू-माफियाओं पर शिकंजा कसते हुए उनकी नाक में नकेल डालने के लिए एंटी भू-माफिया मिशन मुहिम चला रखी है।

मेघनगर के औद्योगिक क्षेत्र की जमीन पर बाफना पब्लिक स्कूल द्वरा अवैध कब्जे की लगातार मिल रही शिकायत के बाद ऐसे भू-माफिया को चिन्हित कर कार्यवाही किये जाने को लेकर पिछले 5 दिनों से मेघनगर राजस्व विभाग एवं औद्योगिक विभाग की रेवेन्यू टीम द्वारा 10 सदस्य अमले ने रेलवे को आधार मान कर सीमांकन पूर्ण कर लिया है।
सूत्र बताते हैं कि सर्वे क्रमांक 520 एवं 521 के बीच उद्योग विभाग मास्टर प्लान के नक्शे में उद्योग विभाग एवं बाफना पब्लिक स्कूल के मध्य 30 मीटर की सार्वजनिक रोड थी जिस पर स्कूल द्वारा बिल्डिंगे बना ली गई है। अब मिशन माफिया के तहत सरकारी जमीनों व गरीबों की जमीनों को कब्जा करने वालों का खाका सरकार तैयार कर रही है।

ये हे मामला

मिशन भु-माफिया का मेघनगर में नहीं हो रहा है असर, औद्योगिक क्षेत्र में संचालित हो रहा है स्कूल | New India Times

औद्योगिक विभाग एवं मेघनगर एसडीएम को बाफना पब्लिक स्कूल एवं आस पास की जगह की लंबे समय से शिकायत मिल रही थी। शिकायत के बाद मेघनगर एसडीएम पराग जैन ने सीमांकन करवा कर उक्त भूमि के कागजात की जांच करवाई एवं जांच में पाया गया कि उक्त जगह औद्योगिक क्षेत्र के अधिग्रहण के समय जीवन यापन को लेकर अधिग्रहण से मुक्त रखी गई थी जिस पर एसडीएम द्वारा जिला कलेक्टर को प्रतिवेदन में रिकॉर्ड के हिसाब से सर्वे क्रमांक 521 व 522 को अधि ग्रहण से मुक्त बताया।
कुछ स्कूल के पीछे अतिक्रमण हटाने को लेकर एसडीएम ने आदेश दिए थे जो स्कूल द्वारा स्वतः ही हटा लिया गया। जिसके बाद स्थानीय नगर के प्रबुद्ध जागरुक नागरिको ने उक्त जगह पर वर्षो पुराना रोड का हवाला दिया जिसकी शिकायत मेघनगर विधायक, झाबुआ विधायक, जिला कलेक्टर, उद्योग मंत्री, शिक्षा मंत्री सहित मुख्यमंत्री तक को की गई उसके बाद इंदौर औद्योगिक विभाग की टीम नए सीमांकन के लिए एक दल मेघनगर में फिर से सीमांकन के लिए रवाना किया। सीमांकन कर रहे 10 सदस्य दल द्वारा रेलवे को आधार मानकर सीमांकन किया गया।
सूत्र बताते हैं कि जिस जगह बाफना पब्लिक स्कूल संचालित हो रही है वहां जीवन यापन के लिए हाईकोर्ट ने दूध डेरी फॉर्म डालने का आदेश किया था लेकिन दूध डेरी फार्म वहां संचालित ना होकर स्कूल संचालित हो रही है। स्कूल के आसपास अनेकों केमिकल प्लांट एवं वायु प्रदूषण के बीच छोटे बच्चों का स्कूल में आना जिस पर मेघनगर विधायक वीर सिंग भूरिया ने नाराजगी व्यक्त की है। सूत्र यह भी बताते हैं कि सीमांकन के दौरान पीडब्ल्यूडी विभाग का जो हाईवे क्रमांक 26 के पास से एक सर्विस रोड भू राजस्व रिकॉर्ड के नक्शे में साफ देखा जा सकता है जो कि मेघनगर बाफना पब्लिक स्कूल के समीप से सूर्य पेट्रोल पंप होते हुए महावीर तोल कांटे की ओर जाता है उस रोड पर के 40 फिट आगे आकर बाउंड्री बनाकर बाफना द्वारा कब्जा कर लिया गया है। यहां खबर लिखे जाने तक सीमांकन चल रहा था।
एसडीएम अपने प्रतिवेदन में किस तरह से कलेक्टर को पूर्ण जांच देते हैं यह तो आने वाले दिनों में ही स्पष्ट हो पाएगा लेकिन एक बात तो तय है मिशन भू माफिया में कहीं ना कहीं उक्त औद्योगिक भूमि में कुछ बड़ा गड़बड़ झाला है। शासन-प्रशासन निष्पक्ष और ईमानदारी से काम करे तो दूध का दूध और पानी का पानी हो सकता है।
बताते हैं कि उद्योग विभाग ने जो अपने मास्टर प्लान में सर्वजिनक रोड को नक्शे मे दर्शा रखा है जहाँ स्कूल की भूमि काबिज है उस रोड को मास्टर प्लान में इंजीनियर द्वारा भू राजस्व नक्शा के रिकॉर्ड के हिसाब से कहीं ना कहीं मापदंडों के आधार पर ही तय किया होगा।
अब देखना यह है की शासन प्रशासन ऐसे भू माफियाओं को आजादी देगा या फिर इनकी नाक में नकेल डाल कर इन्हें अपनी गलती का एहसास करवाएगा यह तो अब कमलनाथ सरकार को तय करना है।

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