रहीम शेरानी, ब्यूरो चीफ, झाबुआ (मप्र), NIT:

मेघनगर सरकार का मिशन माफिया पूरे मध्य प्रदेश में चल रहा है। इसी के चलते झाबुआ जिले के भी माफियाओं के होश उड़े हुए हैं।
शनिवार को मिशन माफिया के तहत मेघनगर में फर्जी ढंग से सहकारी सोसायटीओं का संचालन एवं कई सरकारी अभिलेखों की हेरा फेरी करने की शिकायत पर
मेघनगर के विपणन सहकारी संस्था के पूर्व डायरेक्टर गणेश प्रजापत एवं उनकी पत्नी एवं विपणन संस्था मेघनगर के पूर्व अध्यक्ष संजय श्रीवास उनकी पत्नी की ऑफिस दुकान घर पर छापामार कार्रवाई सहकारिता डिप्टी कमिश्नर एवं उनकी निरीक्षक टीम द्वारा की गई। मेघनगर निवासी संजय एवं गणेश के ऊपर फर्जी ढंग से सहकारी सोसायटीओ का संचालन एवं खुद की पत्नियों को सोसायटीओं का प्रतिनिधित्व दिलाने व माकेटिंग सोसायटी निर्वाचन संचालक करने के आरोप के चलते ।
पुनः इस आनियमित कृत्य की पूर्णावर्ती संजय एवं गणेश कर रहे थे।

रिटर्निंग अधिकारी ने अपनी जांच रिपोर्ट में यह पाया था कि उक्त दोनो की पत्नियां बोर्ड ऑफ डायरेक्टर बैठक में उपस्थित नहीं होती थी और उनकी अनुपस्थिति में संजय श्रीवास्तव गणेश प्रजापत पत्नियों के हस्ताक्षर कर कई महत्वपूर्ण निर्णय को पारित करा चुके थे।
संजय – गणेश द्वारा सहकारी सोसायटीओ के अहम अभिलेख एवं मशीन सहित सामग्री अपने घर दुकान मकान ऑफिस में हेरा फेरी कर छुपा कर रखे हैं।
वर्ष 2017/18 में विपणन संस्था के पूर्व अध्यक्ष संजय श्रीवास एवं पूर्व डायरेक्टर गणेश प्रजापत उनकी पत्नियों के खिलाफ विपणन संस्था के डायरेक्टरों के फर्जी हस्ताक्षर कर अलग-अलग तारीखों में 50 लाख की राशि की क्षति सहकारी संस्था को पहुंचाई थी।

दोनों के खिलाफ पुलिस ने एफआईआर भी दर्ज हुई थी। वर्तमान में छापामार कार्रवाई के दौरान फर्जी रबर सिले सहकारी संस्थाओ के कागजात जमीनों की रजिस्ट्री चेक बुक किसानों की पासबुक खाता खसरा नकल प्रेस कार्ड सहित कई अवेध दस्तावेज छापामार कार्रवाई में जप्त किए गए हैं।
छापामार कार्रवाई के दौरान संजय गणेश के निवास स्थान को अगले आदेश तक सील कर सीज कर दिया गया है।
वहीं कार्रवाई के दौरान ऑफिस से गणेश प्रजापत दस्तावेज लेकर फरार होने की कोशिश कर रहा था।
जिसको मेघनगर पुलिस ने फिल्मी स्टाइल में पकड़ा एवं हिरासत में लिया वहीं संजय श्रीवास फरार बताया जा रहा है।
