अबरार अहमद खान/मुकीज खान, भोपाल (मप्र), NIT:

सीएए एवं एनआरसी के खिलाफ भोपाल में लगातार सरकार पर सवालों के गोले दागे जा रहे हैं। गांधी को अपना आश्रय मानकर भोपाल के ऐतिहासिक इकबाल मैदान में 1 जनवरी से शुरू हुआ सत्याग्रह अभी भी अनवरत जारी है। भोपाल की महिलाएं, बच्चे और युवा रात दिन सत्याग्रह के मंच पर डटे हुए हैं और सत्ता से कानून वापस लेने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि हम नहीं डरेंगे, लड़ते रहेंगे, यह देश हमारा है, हम यहीं रहेंगे। इसी बीच भाजपा के अल्पसंख्यक मोर्चा के शिक्षा प्रकोष्ट पद पर पदस्थ प्रोफ़ेसर मोहम्मद शारिक ने बीते दिनों अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया था और देर रात इक़बाल मैदान में पहुंचकर सीएए, एनआरसी, एनपीआर के खिलाफ अपना संवैधानिक प्रोटेस्ट दर्ज करवाया और सभी नारों के साथ एक और नारा बोलने के लिए लोगों से अपील की और यह नारा है “हमारा नारा भाईचारा” सभी ने स्वर से स्वर मिलाया और पूरे इक़बाल मैदान में हमारा नारा भाईचारा बुलंद हुआ साथ ही काले कानून CAA के खिलाफ अपनी संवैधानिक बात रखी और बाबा साहेब आंबेडकर के संविधान को बचाने की एक सार्थक पहल का शंखनाद किया। इसके इलावा अन्य सभी वक्ताओं ने अपनी अपनी बात रखी और नारे लगाए।
