जफर खान, अकोट/अकोला (महाराष्ट्र), NIT:
देश में तेजी से बढ़ते अपराधों में रेप, मर्डर जैसे अपराध काफी बड़ गए हैं जिसे देख सरकारी वकीलों की मुश्किलें भी बड़ती दिखाई दे रही हैं। किसी पीड़ित के लिए इंसाफ की लड़ाई सरकारी वकील ही लड़ता है जोकि आरोपियों के लिए कड़ी चुनौती होती है जिस कारण सरकारी कर्मचारियों खास कर सरकारी वकीलों को आरोपी द्वारा खतरा भी होता है लेकिन अकोट शहर का इंसाफी शेर माने जाने वाला एक ऐसा वकील है जो अपनी ईमानदारी वा मेहनत कर बेसहारों का सहारा बनता है साथ ही अपनी जान की फ़िक्र न करते हुए पीड़ित को इंसाफ दिलाने के लिए जी जान लगा देता है। वह हैं सरकारी वकील अजित देशमुख। वह ऐसे वकील हैं जिस का नाम ही मुजरिमों के लिए चुनौती बन जाती है। आरोपी दरिंदो को अंडर ट्रायेल केस व सलाखों के पीछे भेजने का काम अकोट न्यायधीश वा सरकारी वकील अजित देशमुख करते हैं जिससे समाज में जनता उन्हें दिल से सलाम करती है। अकोट में अजित देशमुख ऐसे ईमानदार व सच्चे वकील हैं जो गरीब बेबस व बेसहारों का सहारा बने हुए हैं। अभी हाल ही में एक बलात्कार का मामला था जोकि 11/12/2016 को एक 65 वर्षीय वृद्ध महिला के साथ हुआ था जिसे देख सरकारी वकील अजित देशमुख ने पैरवी कर सजा करवाने के लिए ज़ोर दिया वा न्यायधीश मनीष गणोरकर ने 10 साल कैद वा 5000/, रुपए जुर्माना की सजा सुनाई है।
यह खबर अकोट में पता चलते ही कई समाजिक लोगों ने सरकारी अधिवक्ता अजित देशमुख व न्यायधीश का आभार व्यक्त किया है।
