साबिर खान/विनोद दीक्षित, मथुरा/लखनऊ (यूपी), NIT:
कला एवं साहित्य की अखिल भारतीय संस्था संस्कार भारती ने काव्य गोष्ठी के रूप में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयन्ती पर उन्हें काव्यसुमन अर्पित किये। कार्यक्रम का आरम्भ डॉ रमाशंकर पांडेय और अनिल गौतम जी द्वारा अटल जी के चित्र पर मालयर्पण कर किया गया।

कवि जितेन्द्र विमल ने सरस्वती वंदना कर अटल जी के जीवन व्रत पर कविता पढ़ी। डॉ अंजू शर्मा ने “सागर की गहरायी थे वो, और नभ की ऊचाई थे वो” कविता पढ़ी, कवि अभिषेक उपाध्याय ने “हाथ जोड़कर खड़ा हूँ मैं कैसे उनको नमन करूँ, पढ़कर अपने भाव सुमन अर्पित किये। डॉ रमाशंकर पाण्डेय जी ने “भारती की आरती अटलजी उतारते थे आरती अटल जी की जनता उतारती, कविता पढ़ी तो सदन तालियों से गूँज उठा। संचालन कर रहे अनुपम गौतम एडवोकेट ने “नयन ढूँढते कहाँ अटल जी, जहॉ सत्य है वहाँ अटल जी” पढ़कर अपनी काव्यान्जलि अर्पित की। कवि संतोष कुमार सिंह, चन्द्र प्रकाश शर्मा आदि ने भी अपने काव्यसुमन अर्पित किये। अध्यक्षता कवि सुखदेव चतुर्वेदी और धन्यवाद ज्ञापन उपाध्याय नेत्रपाल गौतम ने किया ने किया। 
कार्यक्रम में विशेष रूप से विनोद दीक्षित, अजय वर्मा, कमल शर्मा, वंदना सक्सेना, संतोष राजवत, भगवती प्रधान, मनोरंजन गौतम आदि उपस्थित रहे।
