रहीम शेरानी, ब्यूरो चीफ, झाबुआ (मप्र), NIT:
झाबुआ जिला के मेघनगर में करवा चौथ को लेकर महिलाओं में काफी उत्साह देखा गया। महिलाओं को इस पर्व का बेसब्री से इंतजार था। नगर में महिलाओं ने अपने पति की लंबी आयु की कामना करते हुए व्रत रखा। पति पत्नी के अमर प्रेम तथा पत्नी को अपने पति के प्रति समर्पण का प्रतीक है करवा चौथ का त्यौहार, भारतीय संस्कृति के इस पवित्र बंधन का प्रतीक है जो पति पत्नी के बीच होता है। भारतीय संस्कृति में पति को परमेश्वर की संज्ञा दी गई है, करवा चौथ का व्रत रख पत्नी अपने पति के प्रति यह भाव प्रदर्शित करती है।

प्रेम बाला गुप्ता, सीमा, ममता, अर्चना, वैशाली, राधिका, मेघना, साधना, सुनीता, नीलम, आदि महिलाएं बताती हैं कि स्त्रियां श्रंगार कर भगवान के समक्ष दिन भर के व्रत के बाद यह अर्पण भी देती हैं कि वे कर्म एवं वचन से पति के प्रति समर्पण की भावना रखेंगी। हिंदू धर्म में पुरातन काल से करवा चौथ का व्रत रखने की परंपरा चली आ रही है।

विवाहित महिलाओं को इस पर्व का खास तौर पर इंतजार रहता है। रात्रि में चंद्रमा दर्शन के बाद पति के हाथों से भोजन ग्रहण कर व्रत खोलती हैं, इसी तरह चंद्रमा के दर्शन कर अनेक महिलाओं ने अपने पति की लंबी आयु की कामना करते हुए व्रत का समापन किया। इस व्रत को लेकर नगर में खरीदारी भी खूब की गई, वहीं पुरुषों ने अपनी पत्नियों को उपहार दिए। नगर में कई सुहागिनों ने व्रत रखकर आभूषणों की भी खरीदारी की।
