फराज़ अंसारी, ब्यूरो चीफ, बहराइच (यूपी), NIT:

उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में इंसानियत को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। यहाँ घाघरा नदी में डूबे अपने लाल की लाश मिलने की आस में बेबस परिजन खड़े रहे और एक एसडीएम, पुलिस बल व भारी भीड़ के बीच एक बेशर्म सेल्फ़ीबाज तहसीलदार सेल्फी लेने में मस्त रहा जिसकी हर तरफ निंदा की जा रही है।
यूपी के बहराइच जिले के घाघरा नदी के किनारे पर गुरुवार को लोगो की भारी भीड़ लगी हुई थी, वहीं मौके पर बहराइच जिले की महसी तहसील के एसडीएम व तहसीलदार अपने दल बल के साथ मौजूद थे। बताया जा रहा है कल रात को चलहारी घाट पूल से घाघरा नदी में 24 वर्षीय राघवेंद्र यादव उर्फ पिंटू नाम के एक युवक ने नदी में छलांग लगा दी थी और आज सभी लोग उसकी तलाश के लिए इकट्ठा हुए थ, बताया जा रहा है जो युवक घाघरा नदी में कूदा है वह बहराइच जिला के महसी तहसील के गोपीचंद पुर का रहने वाला था।
इस दौरान नदी के किनारे अपने हाथों में मोबाइल लिए खड़ा एक शख्स अपने लापता बेटे की तस्वीर दिखा रहा था, इस बेबस पिता का कहना था मेरा बेटा कल घर से कुछ काम बताकर बहराइच गया था, उसके बाद वापसी में सीतापुर जाने वाली बस पर बैठ गया और रास्ते में वह चहरारी घाट पूल पर उतर गया और उसके बाद घाघरा नदी के चहलारी घाट पूल से नदी में छलांग लगा दी, ये घटना कल शाम की बताई जा रही है।
नदी के पास घटना वाली जगह पर जब स्टीमर से कूदे हुए युवक की तलाश करने की तैयारी की जा रही थी कि इस दौरान रबर बोट खराब हो गई जिसे कुछ देर बाद सही कर लिया गया और युवक की तलाश की तैयारी की जा रही थी कि इसी दौरान महसी के तहसीलदार साहब की बेशर्मी नजर आई, तहसीलदार ने एक पुलिस वाले को अपना मोबाइल दिया और कहा जरा मेरा फ़ोटो लो और सही लेना नाव भी आ जाये। पहले तहसीलदार साहब ने अपना बाल सही किया और कमर पर हाथ रख कर अपना फ़ोटो खिंचवाते नजर आए, इतना ही नहीं तहसीलदार ने बगल में खड़े एक दरोगा जी का हाथ पकड़ कर उनकी भी सेल्फी अपने साथ में करवाई, ये सब उस वक्त हुआ जब एक बेबस परिवार अपने बेटे की लाश तलाश करवाने के लिए अधिकारियों से गुहार लगा रहा था।
तस्वीरें झूठ नहीं बोलतीं नजारा आप खुद देख लीजिये कि किस तरह महसी के तहसीलदार साहब सेल्फी के चक्कर में मस्त हैं। इन साहब को शर्म आनी चाहिए के जिस जगह पर पीड़ित परिवार को हिम्मत देनी चाहिए वहां ये साहब सेल्फी लेते नजर आए और पीड़ित परिवार चुप चाप खड़ा अपने डूबे हुए युवक के मिलने का इंतज़ार करता रहा। इसके बाद तहसीलदार साहब एसडीएम साहब के साथ वहां से वापस चले गए।
