गणेश मौर्य, ब्यूरो चीफ, अंबेडकरनगर (यूपी), NIT:
अकबरपुर रेलवे कर्मचारियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए रेलवे की तरफ से दिए गए आवास किराए पर चलाए जा रहे हैं।
मीडिया को लंबे समय से सूचना मिल रही थी कि रेलवे की तरफ से रेलवे कर्मचारियों को उपलब्ध करवाए गए सरकारी आवास ज्यादातर कर्मचारियों ने किराए पर दे रखे हैं। मगर अकबरपुर रेलवे के जिम्मेदार अधीक्षक ने आंखों में पट्टी बांध रखी है और सब कुछ जानते हुए भी अनजान बने हुए हैं। ना तो रेलवे अधिकारियों ने अब तक ऐसे कर्मचारियों की तलाश शुरू की और ना ही जांच पड़ताल की गई जिससे रेलवे की आंखों में धूल झोंक कर बिजली पानी का लाखों रुपए का चूना लगाया जा रहा है जिन्हें रेलवे ने आवास दिए हैं, लेकिन उन्होंने आवास आगे किराए पर दिए हुए हैं।
रेलवे ने कर्मचारियों को पॉलिसी के तहत आवास उपलब्ध करवा रखे हैं। ऐसे में रेलवे यूनियन के पदाधिकारियों ने अपने पदों का दुरुपयोग करते हुए अपने क्वार्टर आगे किराये पर दे रखे हैं। इतना ही नहीं कुछ यूनियन के रिश्तेदार भी हैं, जो बाहरी लोगों को क्वार्टर किराये पर दे रखे हैं, जबकि वह रेलवे में कर्मचारी भी नहीं हैं।
इस संबंध में डीआरएम से जब बात करने की कोशिश की गई तो उनका फोन रिसीव नहीं हुआ।
