राकेश यादव, देवरी/सागर (मप्र), NIT:

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र देवरी हमेशा अपनी कारगुजारियों एवं लापरवाहियों के चलते हमेशा सुर्ख़ियों में बना रहता है। स्वास्थ्य केंद्र में एक बार फिर शर्मसार कर देने वाला मामला प्रकाश में आया है। एक आदिवासी वृद्ध महिला की मौत हो जाने के बाद स्वास्थ्य केंद्र में शव वाहन मौजूद होने के बाद भी परिजनों को महिला का शव अपने दुपहिया वाहन से गांव ले जाना पड़ा।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र देवरी में महाराजपुर थाना अंतर्गत ग्राम निरनदा से परिजन अपने निजी दोपहिया वाहन से एक वृद्धा का इलाज कराने देवरी स्वास्थ्य केंद्र लाए। प्राप्त जानकारी अनुसार कपूरी बाई पति धनीराम ठाकुर आदिवासी उम्र 80 वर्ष ग्राम निरंदा सुबह बीमारी के चलते अपने दो पहिया वाहन से देवरी स्वास्थ्य केंद्र इलाज हेतु लाई गई जिसका स्वास्थ्य केंद्र में 9:45 बजे डॉक्टर द्वारा इलाज उपरांत मौत हो गई जिसे परिजनों को मजबूरन अपने दो पहिया वाहन से वृद्ध महिला का शव ले जाना पड़ा जबकि स्थानीय मंत्री हर्ष यादव द्वारा गरीबों एवं आम जनों के लिए स्वास्थ्य केंद्र से शव ले जाने के लिए शव वाहन स्वास्थ्य केंद्र के लिए प्रदान किया गया परंतु स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही एवं मनमानी के चलते शव वाहन उपलब्ध नहीं कराया गया। सोचने वाली बात यह है कि क्षेत्रीय मंत्री द्वारा ग्रामीणों को शव ले जाने के लिए वाहन प्रदान किया गया परंतु विभाग की मनमानी के चलते लोगों को उपलब्ध नहीं हो रहा है जिससे आमजन विभाग की इस तरह की लापरवाही से आक्रोशित है।
इस संबंध में बीएमओ एमके जैन से संपर्क करने की कोशिश की गई लेकिन संपर्क नहीं हो सका।
