योगेश तिवारी, ब्यूरो चीफ, बाराबंकी (यूपी), NIT:
अपर जिलाधिकारी संदीप गुप्ता ने उपजिलाधिकारी अशोक कुमार तहसीलदार अखिलेश सिंह के साथ टेपरा गांव पहुंचकर बाढ़ की स्थिति का जायजा लेकर अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिया। इस दौरान टेपरा गांव के पासिन पुरवा के ग्रामीण उत्तेजित होकर एडीएम के सामने नोकझोंक करने लगे तथा उन्हीं के सामने नदी में कूद कर जान देने की धमकी देने लगे। इसी दौरान एक युवक ने नदी में छलांग लगा दी। एडीएम ने ग्रामीणों को शांत कराकर उनकी समस्याओं को सुना।

ग्रामीणों की मांग है कि हमारा गांव पूरी तरह से नष्ट हो चुका है। हम लोग कहाँ जायें, हमें अस्थाई रूप से कहीं पर झोपड़ी बनाने की लिए जमीन तथा कुछ सरकार से सहायता दिलायी जाए। अपर जिलाधिकारी ने तहसीलदार को मुड़ियाडीह गांव में पड़ी एससी आबादी में पासिन पुरवा के निवासियों को तत्काल विस्थापित करने तथा सरकारी कोष से पैसा देने के निर्देश दिए हैं। जिस पर तहसीलदार ने शाम तक हर हाल में नदी में कटे घरों को विस्थापित करने की बात कही।
बताते चलें कि बीते 1 माह से टेपरा गांव के पासिनपुरवा में लगातार घाघरा नदी कटान कर रही है। धीरे धीरे करीब एक दर्जन घर घाघरा नदी में समाहित हो चुके हैं। अभी तक प्रशासन ने उनको केवल एक त्रिपाल के अलावा और कोई भी सहायता नहीं दिया । इसी कारण गांव में एडीएम के पहुंचते ही ग्रामीण एडीएम का विरोध करने लगे तथा कहा कि आप लोग जब कुछ कर नहीं सकते कुछ दे नहीं सकते तो आप लोग भी यहां ना आए हम लोग जिस हालत में हैं हमें पड़े रहने दीजिए हमें चाहे घाघरा नदी में डूबना पड़े य मरना पड़े आप लोग हमारी चिंता न करें अगर चिंता करना है,तो हमें कहीं अलग विस्थापित करने के लिए जमीन भी दी जाए जिस पर एडीएम ने तत्काल उन लोगों को मुड़ियाडीह में विस्थापित करने की बात कही है।
प्रधानमंत्री आवास में नाम भेज कर इन लोगों को आवास दिला कर अस्थाई रूप से स्थापित किया जाएगा। तब ग्रामीण शांत हुए और एडीएम को धन्यवाद दिया।
इस सम्बंध में एसडीएम सन्दीप गुप्ता ने बताया कि घाघरा नदी का जलस्तर अभी इतना नहीं बढ़ा कि बाढ़ के हालात हो लेकिन टेपरा गांव में घाघरा नदी लगातार कटान कर रही है। कटे घरों के परिवार को अलग विस्थापित करने के लिए तहसीलदार को निर्देशित किया गया है।
