अरशद आब्दी, ब्यूरो चीफ, झांसी (यूपी), NIT:

शिवाजी नगर मूल नुवासी शबनम मंसूरी 16 साल उन्नावगेट बाहर निवासी कौशल्या एवं चंचल अनुष्का अंजली पत्नी जयवीर एवं कई और मरीज़ो की हालत इंजेक्शन लगाने के बाद बिगड़ गई जिसको देखकर पूरे ज़िला अस्पताल में मौत का ख़ुफ़िया खौफ़ फैल गया। कई मरीज़ अपने तीरमारदारों के साथ ज़िला अस्पताल से अपनी जान बचाकर प्राइवेट हाॅस्पिटल को भागे।

बताते चलें कि शबनम मंसूरी मूल निवासी शिवाजी नगर 14 जुलाई को क़रीब दिन के 02 बजे सर में दर्द और चक्कर आने की वजह से ज़िला अस्पताल में एडमिट हुई थी, वही दिन भर सही होने के उपरान्त जब रात को क़रीब 08 बजे सभी मरीज़ों को इंजेक्शन दिए गए तभी क़रीब 15 मिनट बाद सभी मरीज़ों की हालत गम्भीर अवस्था में पहुंचने लगी तो सभी मरीजों के तीमारदारों ने हॉस्पिटल में हंगामा खड़ा कर दिया जिसकी सूचना पाकर मौके पर भारी पुलिस बल पहुँचकर स्थिति को संभाल लिया लेकिन मरीजों को किसी भी प्रकार से कोई फ़ायदा नहीं मिला बल्कि झाँसी ज़िला आस्पताल सीएमएस डॉक्टर गुप्ता को इस घटनाक्रम की जैसे ही जानकारी हुई तभी वह तत्काल सर्जिकल वार्ड में जाकर सभी मरीज़ो को देखा और आश्वासन दिया कि कोई ग़लत इंजेक्शन नहीं दिए गए हैं।

जिसके बाद अस्पताल प्रशासन ने सत्यापित जांच के आदेश देकर मरीजों को पुनः इंजेशन दिए गए जिसमें शबनम मंसूरी को 102 बुख़ार सर्दी शुरू हो गया और क़रीब रात 12 बजे तक वहीं का वहीं 102 बुख़ार बना रहा। जब शबनम मंसूरी की हालत ज़्यादा गम्भीर दिखाई दी तो हॉस्पिटल में आनन फानन में जान बचाने के लिए शनबम मंसूरी के परिजन उसको फ़ौरन रात क़रीब 12:35 बजे प्राइवेट डॉक्टर प्रशान्त दिक्षित के नर्सिंग होम में इमरजेंसी कॉल पर एमडीएम कर सही उपचार मिला। अब शनबम मंसूरी की हालत पहले से सही बताई जा रही है।
