मेहलक़ा अंसारी, बुरहानपुर (मप्र), NIT:

हर पिता की यह हार्दिक इच्छा होती है कि उसकी औलाद उस की उत्तराधिकारी बन कर उसके मिशन को आगे बढ़ाती रहे और समाज और राष्ट्र की सेवा भी करती रहे। यह सब ईश्वरीय कृपा से ही संभव होता है।वर्ना इस आधुनिक युग में ऎसे कई उदाहरण हैं कि औलादों ने अपने बाप दादाओं के पुश्तैनी धंधों से अलग हटकर अपनी पसंद का व्यवसाय चुनकर उसमें नाम कमाया। एडवोकेट सैयद ज़ियाउल हक, विधि व्यवसाय में एक बड़ा नाम। लेकिन उनके पुत्र सैयद इकराम उद्दीन ने चिकित्सीय व्यवसाय का चयन किया। एडवोकेट खलील अंसारी अशरफी एलएलएम, लेकिन उनके चिरंजीव ने मेडिकल प्रोफेशन (डेंटिस्ट) का चयन किया। डाक्टर मोहम्मद सईद सिद्दीक़ी, बहादरपुर में डाक्टर हवलदार जैसी छवि एंव युनानी कालेज के पूर्व प्राचार्य। लेकिन उनके बालक ने पिता के पुश्तैनी धंधे को नहीं चुना । डाक्टर अशेष श्राफ, बुरहानपुर के चिकित्सा जगत में एक विश्वसनीय नाम। लेकिन उनके दोनों रत्नों ने मेडिकल व्यवसाय को टाटा बाय बाय कह दिया। लेकिन ईश्वरीय कृपा से शाही जामा मस्जिद के इमाम सैयद इकराम उल्ला बुखारी के चिरंजीव और शाही जामा मस्जिद के मुतवल्ली सैयद तिलत तमजीद (बाबा मियां) के भतीजे सैयद अनवार उल्ला बुखारी ने हैदराबाद तेलंगाना राज्य से मौलवी की सनद 96 प्रतिशत अंकों के साथ अर्जित कर बुरहानपुर के नाम को गौरांवित किया है। इस उपलब्धि पर अल्हाज डाक्टर शेख महबूब साहब मरहूम के परिवार के समस्त सदस्यों, मोमिन जमाअत बुरहानपुर के अध्यक्ष शाह परवेज़ सलामत, मोमिन जमाअत बुरहानपुर के सचिव एडवोकेट शाहिद अंसारी, हाजी सिराज एहमद लाल मोहम्मद मक़सूद, हिंदूस्तानी मस्जिद कमेटी के अध्यक्ष हाजी मुर्तुज़ा सेठ सलामत, मदरसा फ़ैज़ुल उलूम बुरहानपुर के अध्यक्ष इकराम उल्ला गब्बू सेठ, अंजुमन खुददामुल हुजजाज के अध्यक्ष हाजी मोहम्मद अली अंसारी दादा, हज वैलफेयर सोसायटी के प्रदेश उपाध्यक्ष हाजी मतीन अजमल, हर्फ हर्फ आईना सोसाइटी बुरहानपुर के अध्यक्ष इक़बाल अंसारी, प्रख्यात कवि एंव मंच संचालक डा जलील बुरहानपूरी, पूर्व विधायक हमीद काज़ी आदि ने सैयद इकराम उल्ला बुखारी और सैयद तिलत तमजीद बाबा मियां की सेवा में बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए सैयद अनवार उल्ला बुखारी को अपने आशीर्वाद से नवाज़ते हुए उनके उज्जवल भविष्य की मंगलकामना की है।
