स्वच्छता अभियान में सबसे बड़ा रोड़ा पॉलिथीन अगर पॉलीथिन बेचते दुकानदार दिखें तो होगी बड़ी कार्रवाई | New India Times

गणेश मौर्य, ब्यूरो चीफ, अंबेडकरनगर (यूपी), NIT:

स्वच्छता अभियान में सबसे बड़ा रोड़ा पॉलिथीन अगर पॉलीथिन बेचते दुकानदार दिखें तो होगी बड़ी कार्रवाई | New India Times

शासन की कड़ी फटकार के बाद जिला प्रशासन हरकत में आ गया है इसलिए दुकानों पर अगर प्रतिबंधित पॉलीथिन मिली तो अधिकारियों पर भी गाज गिरेगी।

जिले के अकबरपुर, शहजादपुर, टांडा, जलालपुर, कटेहरी, आलापुर, बाजारों में व्यापारी शासन और कोर्ट के सख्त आदेशों के बावजूद खुलेआम प्रतिबंधित पॉलीथिन का प्रयोग कर रहे हैं। प्रतिबंधित होने के बावजूद पॉलीथिन बिक्री पर प्रशासन रोक नहीं लगा पा रहा है। शहर के मार्केट में खुलेआम प्रतिबंधित पॉलीथिन का प्रयोग किया जा रहा है। दुकानदार धड़ल्ले से पॉलीथिन बेचते दिख रहे हैं। व्यापारी, ग्राहक पॉलीथिन का जमकर इस्तेमाल कर रहे हैं जिससे कि स्वच्छता अभियान को पलीता लग रहा है और पर्यावरण दूषित हो रहा है। इस संबंध में अकबरपुर नगर पालिका अधिशासी अधिकारी सुरेश मौर्य ने बताया कि जिलाधिकारी द्वारा जिले के संबंधित क्षेत्रीय अधिकारियों को पूर्ण रूप से प्रतिबंधित पॉलीथिन बंद करवाने का निर्देश दिया गया। इसके लिए टीम का गठन किया गया है जिसमें अधिशासी अधिकारी, एसडीएम, खाद्य विभाग अधिकारी, नगरपालिका पुलिस प्रशासन की टीम द्वारा छापेमारी की जाएगी। यह अभियान 12 जून से 14 जून तक चलाए जाएंगे, उसके बावजूद अगर पॉलिथीन का प्रयोग करते दुकानदार मिले तो उन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

व्यापारियों का क्या कहना है

दूसरी तरफ प्रतिबंधित पॉलीथिन के प्रयोग पर व्यापारी प्रशासन की तरफ से कोई चेतावनी नहीं मिलने की बात का हवाला देकर पल्ला झाड़ लेते हैं। ग्राहकों का आरोप है, कि बाजार में आसानी से पॉलीथिन के बैग, पन्नी मिल रही है। प्रशासन पॉलीथिन पर प्रतिबंध नहीं लगा रहा है। इस कारण दुकानदार इसकी रोकथाम के लिए दूसरा विकल्प तलाश नहीं कर रहे हैं। ईओ सुरेश मौर्य ने कहा कि पॉलीथिन रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे नगर पालिका और पुलिस विभाग छापेमारी की कार्रवाई करेगा। कोर्ट और शासन के आदेशों का सख्ती से पालन कराया जाएगा। इनसेटपॉलिथिन के प्रयोग से पर्यावरण में बढ़ रहा प्रदूषण पूर्व में प्रशासन ने पॉलिथिन के प्रयोग पर प्रतिबंध लगाने के लिए अभियान चलाया था। अभियान की पर्यावरण प्रेमियों ने प्रशंसा की थी। बाजार में खुलेआम पॉलिथिन के प्रयोग के कारण नालियों की समुचित सफाई नहीं हो रही है। मवेशी पॉलिथिन का सेवन कर लेते हैं। इस कारण उनकी मौत हो जाती है। इसके प्रयोग से भूमि की उर्वरक क्षमता प्रभावित होती है। डॉक्टरों के अनुसार, पॉलिथिन को जलाने पर इसमें से निकलने वाली जहरीली गैस स्वास्थ्य पर भी विपरीत असर डालती है। पॉलिथिन प्रतिबंध के लिए प्रशासन को इच्छा शक्ति दिखानी होगी।

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