वी.के. त्रिवेदी, ब्यूरो चीफ, लखीमपुर खीरी (यूपी), NIT:

जनपद लखीमपुर खीरी के डीसी मनरेगा के अंतर्गत कराए जा रहे कार्यों को लेकर लखीमपुर सदर के खण्ड विकास अधिकारी द्वारा जारी किए गए एक आदेश निर्देश से जिले के अन्य अखबारों के पत्रकारों में रोष फैला हुआ है। खण्ड विकास अधिकारी द्वारा अजीबो गरीब निर्देश में नामचीन अखबारों को तवज्जो देने की बात कही गई है और बाकी अखबार उनकी नजर में कुछ नहीं हैं जिसके तहत खण्ड विकास अधिकारी विकास खण्ड सदर ज्ञानेंद्र सिंह द्वारा यह नहीं बताया है कि उनके विभाग द्वारा कराए जा रहे कार्यों के मानक क्या है और अखबारों के कौन से मानक होने चाहिए। इस तरह के जारी आदेश से जनपद के पत्रकारों में खंड विकास अधिकारी के खिलाफ आक्रोश है और शीघ्र ही पत्रकारों द्वारा जिलाधिकारी खीरी से मिलकर ऐसे आदेश की शिकायत की जाएगी।
ग्राम विकास अधिकारियों को एक पत्र जारी कर निर्देशित किया गया है और नाम चीन अखबारों में ही टेंडर छापें जाएंगे जिससे अन्य दैनिक अखबार के संपादकों ने कड़ी नाराजगी जाहिर की है। सूचना मंत्रालय द्वारा जारी रजिस्ट्रेशन के बाद भी कुछ अखबारों को लेकर दिए गए आदेश से पत्रकारों में रोष फैला हुआ है। खण्ड विकास अधिकारी ने अपनी कोई गाइडलाइन नहीं दी है जिसमें सोशल मीडिया पर डीसी मनरेगा की चर्चा का विषय बना हुआ है। जनपद में डीसी मनरेगा द्वारा हर विकास खंड में यह प्रचार प्रसार कराया जा रहा है कि मुख्य विकास अधिकारी का में सबसे नजदीकी अधिकारी हूं। बीडीओ लखीमपुर का आदेश अब उनके ही गले की फांस बनता जा रहा है और चौतरफा आलोचनाओं से बीडीओ लखीमपुर घिरे हुए नजर आ रहे हैं।
अखबारों को छोटा-बड़ा बताकर अप्रासंगिक और बेहद गैर जिम्मेदाराना आदेश जारी कर बीड़ीओ पूरे जिले में अपनी किरकिरी कराते नजर आ रहे हैं। इस छोटा बड़ा से अपनी फजीहत होती देख बीडीओ साहब को अपनी गलती का अहसास हुआ है और अपने सलाहकारों के साथ गहन मंथन में जुटे हैं कि अपने इस बेतुके फरमान का खंडन किन शब्दों से करें।फिलहाल ऐसे आदेश से जिले के अन्य अखबारों के पत्रकारों में खण्ड विकास अधिकारी के प्रति भारी रोष फैला हुआ है।

