नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म करने वाले आरोपी को मिला आजीवन कारावास एवं 30000 रूपये अर्थदण्ड की सजा | New India Times

मेहलक़ा अंसारी, बुरहानपुर (मप्र), NIT:

नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म करने वाले आरोपी को मिला आजीवन कारावास एवं 30000 रूपये अर्थदण्ड की सजा | New India Times

विशेष सत्र न्यायालय के न्यायाधीश माननीय श्री के. एस. बारीया विशेष न्यायाधीश बुरहानपुर (लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012) द्वारा आरोपी सुभाष पिता लक्ष्मण काले, उम्र 32 वर्ष, निवासी गुलाबगंज, लालबाग ज़िला बुरहानपुर को आजीवन कारावास एवं 30000 रूपये के अर्थदण्‍ड से दंडित किया गया है।

प्रकरण की विस्तार पूूर्वक जानकारी देते हुये अतिरिक्त जिला अभियोजन अधिकारी विशेष लोक अभियोजक श्री रामलाल रन्धावे ने बताया कि पिड़िता वर्ष 2013 शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय में सायकल से स्कूल आना जाना करती थी उसके साथ रास्ते में आरोपी सुभाष भी साथ -साथ चलता था और बातें करता था,13-08- 2015 को आरोपी ने उससे कहा कि वह उससे प्यार करता है जब पिड़िता ने कहा कि तुम तो शादीशुदा हो और मेरी बडी बहन तुमको भाई जैसा मानती है तब आरोपी ने कहा कि वह ऐसे किसी रिश्ते को नहीं मानता है तथा पिड़िता ने आरोपी से बात करना बंद कर दिया। आरोपी ने 15 अगस्त 2013 के 2-3 दिन बाद उसे 01.30 से 02.00 बजे के बीच काॅल कर कहा कि तेरी बहन जो हाॅस्टल में पढती है उसके कुछ राज मुझे पता है, मुझसे मिलने गुलाबगंज, लालबाग आ जा नहीं तो तेरे परिवार को मुंह दिखाने लायक़ नहीं छोडूंगा। इस बात से डरकर पिड़िता उससे मिलने उक्त स्थान पर गयी तथा आरोपी द्वारा उसके साथ बलात्कर किया गया तथा उस समय की फोटो भी मोबाईल कैमरे द्वारा रिकार्ड कर ली। जब भी आरोपी का मन होता था तब वह फरियादिया को ब्लेकमेल कर उसे बुला लेता था तथा बलात्कार करता था। पिड़िता की बडी बहन जो भोपाल में हाॅस्टल में रहती थी जब वह छुट्टीयों में घर आती थी तब वह उसके साथ भी शादी का झांसा देकर, बहला-फुसलाकर, ब्लैकमेल कर बलात्कार करता था। पीड़िता की उक्त रिपोर्ट पर थाना लालबाग द्वारा आरोपी के विरूद्ध मामला पंजीबद्ध कर जांच उपरांत न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया।

प्रकरण में सफलतापूर्वक पैरवी अतिरिक्त जिला अभियोजन अधिकारी एवं विशेष लोक अभियोजक श्री रामलाल रन्धावे द्वारा करते हुए उन्हों ने विचारण पश्चात आरोपी को विभिन्न धाराओं के अंतर्गत आजीवन कारावास एवं 30000 रूपये के अर्थदण्ड से दंडित किया गया। मा. न्यायालय द्वारा प्रतिकर के रूप में धारा 357 के अंतर्गत पीडिता व उसकी बहन तो 14,000 एवं 13,000 रूपये दिलाए जाने का आदेश न्यायालय द्वारा दिया गया।

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