साध्वी के शाप से क्या प्रभावीत होगी रक्षामंत्री की सीट? धुले में 57 और नंदुरबार में 68 प्रतिशत हुई वोटिंग, नंदुरबार में परिवर्तन की लहर | New India Times

अब्दुल वाहिद काकर, ब्यूरो चीफ, धुले/नंदुरबार (महाराष्ट्र), NIT:

साध्वी के शाप से क्या प्रभावीत होगी रक्षामंत्री की सीट? धुले में 57 और नंदुरबार में 68 प्रतिशत हुई वोटिंग, नंदुरबार में परिवर्तन की लहर | New India Times

लोकसभा के आम चुनावों का शंखनाद होते ही उत्तर महाराष्ट्र के धुलिया पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सरकारी दौरे से तब यह बात बिल्कुल साफ़ हो गयी थी कि रक्षा राज्यमंत्री डाॅ सुभाष भामरे की सीट खतरे में है। वैसे अंदरखाने यह भी सुना जा रहा है कि भारतीय वायुसेना द्वारा पुलवामा के जवाब में पाकिस्तान के बालाकोट में किए गए जवाबी हमले के बाद आए दिन मिडीया से मुखातिब होने वाले रक्षा राज्य मंत्री के अप्रभावी बयानों से स्वयं रक्षामंत्री निर्मला सितारमण भी नाराज चल रही थी। धूलिया महानगर पालिका चुनावों में भाजपा को चमत्कारिक जीत दिलाने वाले मंत्री गिरीश महाजन की गुटबाजी को हवा देने वाली कार्यशैली पर बरस चुके डाॅ भामरे को अब साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर का शहीद हेमंत करकरे को दिया वह विवादित शाप सताने लगा है जिसे लेकर साध्वी तो माफी मांग चुकी है लेकिन शायद उसका खामियाजा डाॅ भामरे को अपनी सीट गंवाकर उठाना पडेगा। मतदान के चौथे चरण में आज धूलिया संसदीय सीट के लिए करीब 57 प्रतिशत वोटिंग हुआ है। यहां भाजपा के डाॅ सुभाष भामरे के खिलाफ़ कांग्रेस गठबंधन के कुणाल पाटील ने ताल ठोकी है।

साध्वी के शाप से क्या प्रभावीत होगी रक्षामंत्री की सीट? धुले में 57 और नंदुरबार में 68 प्रतिशत हुई वोटिंग, नंदुरबार में परिवर्तन की लहर | New India Times

मालेगांव बम धमाके कि अभियुक्त तथा मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से भाजपा प्रत्याशी साध्वी द्वारा शहीद हेमंत करकरे और बाबरी पतन को लेकर दिए विवादित बयानों से डाॅ भामरे अचानक बैकफुट पर चले गए हैं। इस बिकट घडी में भाजपा के संकटमोचक उत्तर महाराष्ट्र प्रभारी गिरीश महाजन ने भी ना जाने क्यों टाऊन सिटी धुलिया से अंतर बना लिया है। शायद इसका सटीक जवाब विधायक अनिल गोटे ही दे सकते हैं। वोट प्रतिशत का गिरता ग्राफ़ भामरे के लिए खतरे की घंटी मानी जा रही है।

प्रशासन द्वारा 28 अप्रैल को पकडे गए चुनावी उपद्रवियों की पहचान भले ही उजागर नहीं कराई गयी हो लेकिन चुनाव में इस तरह की गौरवशाली प्रतिभा का धनी आखिर कौन सा नेता हो सकता है इस बात का आंकलन मतदाताओं से भला कैसे चूक सकता है।

साध्वी के शाप से क्या प्रभावीत होगी रक्षामंत्री की सीट? धुले में 57 और नंदुरबार में 68 प्रतिशत हुई वोटिंग, नंदुरबार में परिवर्तन की लहर | New India Times

धुले संसदीय क्षेत्र में शामील धुलिया शहर, ग्रामीण, शिंदखेडा, नासिक के मालेगांव मध्य, सटाना तथा बागलाण विधानसभा सीटों का समावेश है जिसमें 9 लाख 93 हजार 903 पुरुष और 9 लाख 10 हजार 935 महिलाएं व 21 अन्य मतदाता हैं। सुबह 7 बजे मतदान आरंभ हुआ तब कुछेक बुथ पर EVM में तकनिकि गड़बड़ी की शिकायतें आयीं जिसे तत्काल प्रभाव से चुस्तदुरुस्त करवाया गया। देर शाम 6 बजे तक लगभग 57 फीसदी मतदान हुआ वहीं पर नंदुरबार में 68 प्रतिशत मतदान हुआ। चिलचिलाती धुप के कारण कई बुथो पर सन्नाटा देखा गया।

साध्वी के शाप से क्या प्रभावीत होगी रक्षामंत्री की सीट? धुले में 57 और नंदुरबार में 68 प्रतिशत हुई वोटिंग, नंदुरबार में परिवर्तन की लहर | New India Times

लोकतंत्र के महापर्व ‘लोकसभा चुनाव 2019’ के चौथे चरण के लिए जारी मतदान के दौरान चिलचिलाती गर्मी में युवाओं के साथ दिव्यांग उम्रदराज नागरिकों में जबरदस्त जोश देखने को मिला। धुलिया-नंदुरबार में वोटिंग के दौरान नंदुरबार में सुबह-सुबह पोलिंग बूथ पर पहुंच कर हजारों मतदाताओं ने मतदान किया और अपनी तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए लोगों से घरों से बहार निकल कर वोट करने की अपील की। इसी बीच धुलिया लोकसभा क्षेत्र में शाम चार बजे तक धुलिया ग्रामीण में 45%, धुलिया शहर में 35%, शिंदखेड़ा 44%, मालेगांव मध्य 33%, मालेगांव आउटर 43%, इसी तरह से सटाना बागलन 46 % मतदान हुआ। वहीं पर सब से अधिक मतदान नंदुरबार निर्वाचन क्षेत्र में शाम चार बजे तक अक्कलकुवा 57 प्रतिशत, शहादा 52%, नंदुरबार 47%, नवापुर 52 %, साक्री 47%, शिरपुर 48 प्रतिशत तक मतदान हुआ। शाम पांच बजे तक धुलिया निर्वाचन क्षेत्र में 50.8% मतदान हुआ था। वहीं पर 2014 में शाम पांच बजे तक 52%प्रतिशत तक मतदान हुआ। पिछली लोकसभा की तुलना में 2 प्रतिशत कम मतदान हुआ जिसका मुख्य कारण मौसम में तब्दीली भीषण गर्मी में 44 डिग्री तापमान में बहुत से मतदाताओं ने घर से निकले ही नहीं और बहुत से स्थानों पर बीएलओ के द्वारा मतदान सूची द्वार से द्वार तक आवंटित नहीं करने से भी मतदान के प्रतिशत पर असर हुआ है। शाम 6 बजे के बीच नंदुरबार की 6 विधनसभा क्षेत्र में इस तरह से मतदान का प्रतिशत अक्कलकुवा 71 %, शहादा 70%, नंदुरबार 62.92 ℅, नवापुर 72%, साक्री 64%, शिरपुर 70% रहा।

वीवीपीएट खराब, आधा घंटा देरी से हुआ मतदान

धुलिया विधानसभा के मतदान केंद्र 184/07 में सुबह सात बजे से वीवीपीएट में खराबी उत्पन्न होने के कारण करीब 35 मिनट देरी से मतदान प्रक्रिया आरंभ हुई। मतदान केंद्र अध्यक्ष विजय ने बताया कि पांच मतदाता के मतदान के बाद वीवीपीएट से पर्ची नहीं निकलने के कारण वीवीपीएट मशीन को बदला गया उसके बाद फिर से मतदान शुरू हुआ।

सटाना में कांग्रेसी उम्मीदवार के सामने लगाए गए मोदी के नारे

धुलिया लोकसभा क्षेत्र के कांग्रेसी प्रत्याशी विधायक कुणाल पाटील नासिक जिले के सटाना तहसील क्षेत्र के निरीक्षण दौरे पर थे इस दौरान उन्हें देखकर मतदाताओं ने मोदी मोदी और डॉक्टर भामरे की विजय जयघोष के नारे बाजी की जिसके चलते उन्हें वहाँ से निकलना पड़ा।

नंदुरबार, शहादा में हुई ईवीएम खराब

नंदुरबार निर्वाचन क्षेत्र में दो स्थानों पर ईवीएम में खराबी उत्पन्न होने से मतदान प्रक्रिया में बांधा निर्माण हुई। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार नंदुरबार ज़िले के शहादा शहर में दोपहर दो बजे के करीब दो मशीनों में तकनीकी खराबी होने से करीब एक घटे तक मतदान प्रक्रिया रुकी रही, दूसरी ओर नंदुरबार के धुदालें गांव में भी मशीन खराबी के समाचार प्राप्त हुए हैं।

नंदुरबार में मतदान करते हुए फ़ोटो वायरल: वोटिंग करते हुए मतदाताओं ने निकाले फोटो किए वायरल

उत्तर महाराष्ट्र के नंदुरबार में लोकसभा चुनाव सोमवार को संपन्न हुए। सोमवार को नंदुरबार में संपन्न हुए चुनावों के दौरान आचार संहिता का कई बूथों पर खुलेआम उल्लंघन का मामला सामने आया है। वोटिंग के दौरान ना सिर्फ बूथ एजेंट धड़ल्ले से मोबाइल इस्तेमाल करते देखे गये बल्कि कई मतदाताओं ने ना सिर्फ मोबाइल फोन के साथ बूथ में प्रवेश किया बल्कि अपने वोट देने के दौरान ईवीएम की फोटो और वीडियो बनाई बल्कि वीवी पेट पर जिसे वोट दिया है उसकी भी फोटो निकाली और इन फोटो और वीडियो को सोशल साइट पर वायरल भी कर दिया जबकि निर्वाचन विभाग ने बूथों पर मोबाइल इस्तेमाल पर पाबंदी का आदेश दिया था। बावजूद इसके सुरक्षाकर्मियों की मौजूदगी में बूथ पर एजेंट और मतदाता मोबाइल का इस्तेमाल करते रहे। हालांकि कई बूथों पर पुलिस कर्मियों और सुरक्षा कर्मियों की सजगता काम आई और मतदाताओं के मोबाइल बूथ से बाहर ही रखवा लिए गए। लेकिन फिर भी कई बूथों पर मतदाताओं ने अपने मोबाइल का धड़ल्ले से दुरुपयोग किया।

By nit