फराज़ अंसारी, ब्यूरो चीफ, बहराइच (यूपी), NIT:

प्रदेश में कई दिनों से लगातार मौसम का तापमान बढने गर्मी बढ़ती जा रही थी लेकिन आज शाम लगभग 7 बजे बारिश के साथ ओले गिरने से लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत मिली है वहीं ओले पड़ने से किसानों के फसलों पर बुरा असर पड़ा है। काफी फसलें नष्ट हो गयी हैं।
आज शाम लगभग 7 बजे मौसम ठंड हो कर तेज तेज हवा चलने लगी और हलकी-फुल्की आंधी भी चली। तत्पश्चात आंधी के साथ बारिश भी हुई जिसमें ओले भी गिरे और बादल भी गरजे लेकिन धरती की तपन कम नहीं हुई। ओले गिरने के बाद भी बारिश जोर शोर के साथ लगभग 25 मिनट तक जारी रही फिर भी गर्मी बनी रही। अनुभव किया जा रहा है कि बारिश के बाद मौसम और भी गर्म हो गया है।

ओले गिरने से फसलें खराब
बात की जाए किसानों की तो किसान इस बारिश एवं बर्फ गिरने से काफी दुखी हुए हैं क्योंकि किसानों की फसल खराब होने की आशंका है। जो गेहूं खेत में खड़े थे वह बहुत ही बढ़ गए हैं। किसानों का कहना है कि इस पानी और बर्फ से फसल खराब हो गया है जिससे किसानों में दुख का माहौल है।
किसानों एवं फसलों के महत्व दैविक आपदा विशेष
जिस समय जिस वर्ष फसलें खराब हो जाते हैं किसी कारणवश दैविक कारणों से किसानों को भी क्षति पहुंचती है उससे किसान बहुत ही दुखी हो जाते हैं क्योंकि किसानों के काफी दिनों एवं कई महीनों की मेहनत तो फसल में लगी ही होती है खास बात पूरा देश एवं दुनिया के लोग इसी फसल के बदौलत भोजन कर जीवित रहते हैं यदि फसल खराब हो जाती है तो नुकसान तो किसान का होता है किंतु देखा जाए तो यह नुकसान पूरे देश एवं विश्व का माना जा सकता है क्योंकि हर जीवित व्यक्ति लगभग भोजन का प्रयोग अवश्य करता है और ऐसे में बारिश ओला बर्फ बाढ़ आदि दैविक आपदा आने पर किसानों की मानसिक स्थिति जो होती है वह सिर्फ किसान ही समझ सकता है।
