अशफाक कायमखानी, जयपुर (राजस्थान), NIT:
राजस्थान के 25 में से 19 घोषित भाजपा उम्मीदवारों में एक दो उम्मीदवारों की कमजोर स्थिति को भांपकर पार्टी नेतृत्व सीकर व बीकानेर उम्मीदवारों को बदलने पर विचार कर रही है।
भाजपा द्वारा 21-मार्च को व कांग्रेस द्वारा 28-मार्च को घोषित उम्मीदवारों की सूची में सीकर से भाजपा ने वर्तमान सांसद सुमेदानंद व कांग्रेस ने पूर्व केन्द्रीय मंत्री सुभाष महरिया को उम्मीदवार बनाने के बाद से कांग्रेस उम्मीदवार के समर्थन में पार्टी एकजुट खड़ी नजर आ रही है जबकि भाजपा में अंसतोष उभर कर एकजुटता तार तार होती नजर आ रही है। महरिया के समर्थन में जिला कांग्रेस कमेटी की मीटिंग के बाद नेछवा, लक्ष्मनगढ कांग्रेस कमेटी के अलावा रानोली व रामगढ़ कमेटी के साथ साथ अन्र जगह चुनाव तैयारी सभाऐ हो चुकी है। जबकि भाजपा की सीकर व धोद की कार्यकर्ताओं की मीटिंग होने के बाद से विराम लगा हुआ है।
जब से सीकर से दोनों उम्मीदवारों के नाम सामने आये हैं तब से राजनीतिक हलकों में प्रदेश में कांग्रेस की सबसे मजबूत व भाजपा की सबसे कमजोर सीट के रुप में सीकर को माना जाने लगा है। सीकर से भाजपा उम्मीदवार की घोषणा के बाद से भाजपा नेता प्रेमसिंह बाजोर धड़ा अभी तक खुलकर उम्मीदवार के पक्ष में नहीं आने से एवं 2014 के चुनाव के समय भाजपा के छ विधायकों के मुकाबले अब 2019 के चुनाव मे एक मात्र चोमू से रामलाल भाजपा विधायक है। जबकि काग्रेस कै पास 2014 के मुकाबले छ विधायकों के साथ एक निर्दलीय विधायक महादेव सिंह मोजूद है।
भाजपा ने संगठन व अन्य स्त्रोत से मालूमात करने के बाद सीकर से भाजपा के कमजोर उम्मीदवार की रिपोर्ट पर उम्मीदवार बदलकर नये उम्मीदवार को सीकर से चुनाव लड़ाने के लिये दिल्ली में गम्भीर मंथन हो रहा है। अगले दो दिन देखना होगा कि राजस्थान में सीकर से भाजपा उम्मीदवार सुमेदानंद ही रहते हैं या कोई नया आता है।
