इम्तियाज़ चिश्ती, ब्यूरो चीफ, दमोह (मप्र), NIT:

दमोह कलेक्टर नीरज कुमार सिंह जब औचक निरीक्षण के सुबह 10:40 बजे आकस्मिक रूप से जिला शिक्षा अधिकारी के कार्यालय पहुंचे तो इस दौरान कार्यालय के बहुत से कर्मचारी अपने कक्षों में सीट से नदारद पाये गये
और जो इक्का दुक्का मिले भी उनके कलेक्टर को देखकर होश पख्ता हो गये। आखिरकार जिसका डर था वही हुआ, डीओ आफिस के एक नहीं दो नहीं तीन भी नहीं बल्कि पूरे दर्जन भर से ज्यादा कर्मचारियों के साथ साथ जिला शिक्षा अधिकारी भी दफ्तर से नदारत रहे। जब जिला शिक्षा अधिकारी को ख़बर की गई तो कुछ देर बाद ही सही हाजिर हो गए। उन्होने जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिये कि कार्यालय में उनके निरीक्षण के दौरान 14 कर्मचारी अनुपस्थित पाये गये हैं, सभी को 2 वेतन वृद्धि रोकने का नोटिस दिया जाये।

जब जिला शिक्षा अधिकारी रवि सिंह बघेल से इस संबंध में बात की गई तो उनकी दलील सुनकर आप कहेंगे टाइम टेबिल के मामले में जिला शिक्षा अधिकारी से बेहतर और कोई नही क्योंकि वो सब कर्मचारियों को नसीहत जो देते हैं। लेकिन जब महोदय से उनकी जिम्मेदारी के बारे में पूछा तो बगलें झाँकने लगे और सबको हिदायत देने की बात कही।

इस निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने स्थापना शाखा के सहायक ग्रेड-3 देवेन्द्र कुमार सोनी से शिक्षकों के समयमान प्रकरण के लबिंत होने की जानकारी ली, बताया गया प्रकरण लंबित नहीं हैं। कलेक्टर ने यहाँ संधारित नस्तियों को अलमारी से निकालवाकर काफी देर अवलोकन किया, संधारित पंजी से रेण्डमली नस्तिया निकालवाकर देखी गयी। कलेक्टर नीरज कुमार सिंह ने अनुकम्पा नियुक्ति की लंबित प्रकरणों की जानकारी लेकर कहा, 6 प्रकरण क्यू लंबित हैं, उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी से कहा कि सभी संबधितों को बुलाएं और प्रकरणों का निराकरण करवाया जाये। यहाँ पर एजुकेशन पोर्टल पर काम कर रहें कर्मचारी से पूछा पोर्टल खोलकर दिखाएं तो संबधित कर्मचारी द्वारा बताया गया कि नेट बंद है। जब संबधित को कहा गया क्यों बंद है तो इस पर भी संतोषजनक जबाव नहीं मिला। इसके बाद श्री सिंह योजना कक्ष पहुँचे यहाँ भी वही हाल कर्मचारियों का मिला, कार्यालय से संबधित कर्मचारी अनुपस्थित पाये गये।
जिले का मुखिया यदि इसी तरह अपने शहर, जिले के शासकीय कार्यालयों के निरीक्षण करेगा तो मजाल है कोई भी कर्मचारी कोताही बरते।

Damoh