दुष्‍कर्मी को अदालत ने सुनाई 10 के वर्ष के सश्रम कारावास की सज़ा एवं लगाया 24000 रूपये का जुर्माना | New India Times

मेहलक़ा अंसारी, बुरहानपुर (मप्र), NIT:

दुष्‍कर्मी को अदालत ने सुनाई 10 के वर्ष के सश्रम कारावास की सज़ा एवं लगाया 24000 रूपये का जुर्माना | New India Times

अतिरिक्त जिला अभियोजन अधिकारी/ विशेष लोक अभियोजक श्री रामलाल रन्‍धावे द्वारा अभियोजित प्रकरण में विशेष सत्र न्‍यायालय (लैंगिक अपराधो से बालको का संरक्षण अधिनियम 2012)के विशेष न्यायाधीश श्री राजेश नंदेश्वर द्वारा आरोपी सुरेश उर्फ गोलू (19) पिता रामनाथ कोरकू , निवासी ग्राम रहमानपुरा, जिला बुरहानपुर को 10 वर्ष सश्रम कारावास एवं 24000 रूपये का अर्थदण्ड के जुर्माने से दंडित किया गया।

प्रकरण की विस्तार पूर्वक जानकारी देते हुये अतिरिक्त जिला अभियोजन अधिकारी /विशेष लोक अभियोजक श्री रामलाल रन्‍धावे ने बताया कि 25-03-2017 से पूर्व अभियोक्‍त्रई, जो कि 16 वर्षीय अव्‍यस्‍क थी। फरियादी के घर ग्राम साजनी में मेहमानी के लिए आयी थी। उक्‍त घटना दिनांक को शाम को 6.00 बजे अज्ञात व्‍यक्ति उसे बहलाफुसला कर भगा कर ले गया था फरियादी ने थाना खकनार में रिपोर्ट दर्ज करायी थी जिस पर थाने के अपराध क्र. 104/17 धारा 363 भादवि की एवं गुम इंसान की रिपोर्ट भी दर्ज की गयी थी। इसके पश्‍चात अभियोक्‍त्री को अभियुक्‍त सुरेश उर्फ गोलू के कब्ज़े से बरामद किया गया एवं पूछताछ में अभियोक्‍त्री ने बताया कि अभियुक्‍त सुरेश ने अपहरण करने के पश्‍चात उसके साथ बार-बार बलात्‍कार करता था। विवेचना पश्‍चात पुलिस ने आरोपी के विरूद्ध 363, 376 (2)(एन) भादवि, एवं धारा 5/6 लैंगिक अपराधों से बालको का संरक्षण अधिनियम 2012 के अंतर्गत चालान माननीय न्‍यायालय में पेश किया।
प्रकरण में सफलता पूर्वक पैरवी अतिरिक्त जिला अभियोजन अधिकारी/विशेष लोक अभियोजक श्री रामलाल रन्‍धावे ने की। माननीय न्यायालय ने विचारण पश्चात आरोपी को धारा 363 भादवि में 5 वर्ष सश्रम कारावास एवं 2000 अर्थदण्‍ड, धारा 366 भादवि में 5 वर्ष सश्रम कारावास एवं 2000 अर्थदण्‍ड, 376 (2)(एन) भादवि. में 10 वर्ष सश्रम कारावास एवं 10000 अर्थदण्‍ड, धारा 5(ठ) एवं सहपठित धारा 6 लैंगिक अपराधो से बालको का संरक्षण अधिनियम 2012 में10 वर्ष सश्रम कारावास एवं 10000 रूपये का अर्थदण्ड से दंडित कराया। समस्‍त सज़ाऐं एवं दण्‍ड एक साथ भुगताए जाने का आदेश न्‍यायालय द्वारा दिया गया।धारा 357 द.प्र.स. के तहत 20000 रूपये प्रतिकर के रूप में पीड़िता को दिलाए जाने का आदेश मा. न्‍यायालय ने दिया।

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