त्रिवेंद्र जाट, देवरी/सागर (मप्र), NIT:

मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय, जबलपुर की खंडपीठ ने नगर पालिका परिषद देवरी की अध्यक्ष नेहा जैन के पक्ष में महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए उनके विरुद्ध दायर रिट अपील को खारिज कर दिया है। यह आदेश कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश विवेक रूसिया एवं न्यायमूर्ति प्रदीप मित्तल की खंडपीठ ने 10 जुलाई 2026 को पारित किया।
मामला मध्य प्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 41-ए के तहत नेहा जैन को पद से हटाए जाने से संबंधित था। इससे पूर्व एकल पीठ ने राज्य शासन के 25 अगस्त 2025 के निष्कासन आदेश को निरस्त करते हुए उन्हें राहत प्रदान की थी, जिसके खिलाफ श्रीमती सरिता जैन ने रिट अपील दायर की थी।
खंडपीठ ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि अपीलकर्ता इस मामले में हस्तक्षेप का अधिकार (लोकस स्टैंडी) सिद्ध नहीं कर सकीं। न्यायालय ने यह भी माना कि राज्य शासन का निष्कासन आदेश पहले ही एकल पीठ द्वारा निरस्त किया जा चुका है, ऐसे में उसमें हस्तक्षेप का कोई औचित्य नहीं बनता। इसी आधार पर रिट अपील को खारिज कर दिया गया।
न्यायालय ने यह भी उल्लेख किया कि नेहा जैन बाद में हुए चुनाव में 7,282 मत प्राप्त कर पुनः अध्यक्ष निर्वाचित हो चुकी हैं, जिससे पूर्व निष्कासन कार्रवाई प्रभावहीन हो गई है।
सुनवाई के दौरान अपीलकर्ता की ओर से 24 जून 2026 को दर्ज एक एफआईआर का भी उल्लेख किया गया। इस पर न्यायालय ने स्पष्ट किया कि उक्त एफआईआर इस रिट याचिका या वर्तमान अपील का विषय नहीं है और इस संबंध में कानून के अनुसार अलग से कार्रवाई होगी।
उच्च न्यायालय के इस निर्णय से नेहा जैन को बड़ी कानूनी राहत मिली है और एकल पीठ का आदेश यथावत बरकरार रखा गया है।

