मकसूद अली, ब्यूरो चीफ यवतमाल (महाराष्ट्र), NIT:

जिन्होंने समानता और सामाजिक सहिष्णुता के लिए जीवनभर अपनी कलम के माध्यम से प्रबोधन का कार्य किया, वह राष्ट्रीय स्तर की प्रख्यात साहित्यिका नयनतारा सहगल जिनके पिता मराठी थे, वे सम्मेलन में सरकार पर टिप्पणी करने वाली थी। यह व्यासपीठ अखिल भारतीय स्तर का होने से उनकी आवाज पूरे देश में गुंजने वाली थी, इसी डर से सरकार के दबाव मे आकर नयनतारा सहगल को दिया गया न्यौता रद्द करने आरोप यवतमाल जिला महिला कांग्रेस कमिटी की अध्यक्षा माधुरी अराठे ने पत्रकार परिषद में लगाया है।

इस मौके पर बोलते हुए उन्होंने इस बात की कड़ी शब्दों में निंदा की। नयनतारा सहगल का निमंत्रण रद्द कर मराठी व्यक्ति के लड़की का अपमान करने की बात उन्होंने कही है। प्रेस कांफ्रेंस के दौरान पुर्व मंत्री वसंत पुरके भी उपस्थित थे। उन्होंने भी इस बात का निषेध करते हुए मराठी साहित्य संमेलन मंच को इसके जाहिर माफी मांगने की मांग की है।
