अब्दुल वाहिद काकर, ब्यूरो चीफ धुले/नंदुरबार (महाराष्ट्र), NIT:

केंद्र सरकार देश को पोलियो की तर्ज पर खसरा और रूबेला रोग मुक्त बनाने की योजना बनाई है। अब बच्चों को 9 महीने और डेढ़ साल की आयु में लगने वाले खसरा रोग के टीके के साथ रूबेला रोग का टीका भी लगाया जा रहा है लेकिन उलमा गुरुओं के नाम पर टीके लगाने के दुष्परिणाम से फर्जी संदेश अफवाहें फैलने के कारण धुलिया शहर सहित देवपुर में मुस्लिम समुदाय टीका लगाने से मना करने से हताश मनपा आयुक्त ने इस घटना पर खेद प्रकट किया। वहीं पर मनपा और ज़िला स्वास्थ्य विभाग जनजागृति करने में असफल हो गया जिसके चलते देवपुर की एलएम सरदार उर्दू हाई स्कूल और ईट भट्टी परिसर में खसरा-रूबेला टीकाकरण का प्रतिशत कम दर्ज किया गया है जिसकी समीक्षा बैठक मनपा के सभागार में आयोजित की गई थी। उस समय मनपा आयुक्त ने मनपा तथा अन्य विद्यालयों के मुख्य अध्यापकों की बैठक में कहा है।
टीकाकरण को लेकर अफवाहें
गत दिनों व्हाट्सएप की अफवाहें के कारण ज़िले के राइनपाडा में मॉब लिंचिंग के चलते पांच निरपराध भिक्षुओं को जान से हाथ धोना पड़ा था। ठीक इसी तरह की अफवाहें मुस्लिम समुदाय के व्हाट्सएप पर निरंतर दो साल से गुम रही हैं कि अगर कोई अनजान व्यक्ति आप के बच्चे को पोलियो अथवा किसी भी तरह का टीका लगाने आता है तो उसे मना करें, टीका लगाया नही जाने की अपील की गई है और इस के साथ ही चेतवानी दी गई हैं कि इस टीके के कारण आप की संतान नपुसंक भी हो सकती हैं, इसी बात को लेकर मुस्लिम समुदाय अफवाहों का शिकार हो गया और बच्चों को टीक लगाने से वंचित रह गया।
खसरा-रूबेला टिकाकरण नहीं करने के नुकसान
विगत दशक में पोलियो टीका ना लेने के कारण कई मासूमों को मौत के चपेट में ले लिया था और लाखों की संख्या में बच्चे अपाहिज विकलांग हो गए. उसी तरह बच्चों में खसरा रोग होने के कई लक्षण हैं जिसमें बच्चे को तेज बुखार, शरीर में लाल चकत्ते, निमोनिया, अंधापन मुख्य है। रूबेला रोग में बच्चे जन्मजात सिंड्रोम, अंधापन, बहरापन, लसीका ग्रंथि में शोध आती है। वैजापुर उप जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ रिजवान ने कहा कि हमारे देश में प्रतिवर्ष लाख से ज्यादा मासूम बच्चों की मौत खसरा रोग से होती है। यह बीमारी वायरस के कारण फैलती है। बच्चों में वायरस को रोकने की कम क्षमता होने के कारण उनमें जल्द फैलती है इसलिए बच्चों को खसरा तथा रूबेला मुक्त करने के लिए अभियान जारी है लेकिन व्हाट्सएप पर फर्जी अफवाह फैलाई जाने के कारण धुलिया के मुस्लिम समुदाय ने टीका लगाने से मना कर देने के चलते मनपा आयुक्त देशमुख ने शहर के सभी मस्जिदों के मौलाना तथा काजी के साथ बैठक आयोजित कर यह अफवाह झूठी रहने की बात कही। टीका लगाने से कोई दुष्परिणाम नहीं जिसकी गवाही खुद दारुल उलूम वक्फ देवबंद, जमीयत उलमा ए हिंद, जमात ई इस्लामी हिंद, महमूद अख्तर उल कादरी, जामिया मिल्लिया इस्लामिया, अलीगढ़ यूनिवर्सिटी के साथ समुदाय के विभिन्न जमात ने यह टीका लगाने की अपील की है।
तहसील के सभी शाला संस्थाओं मदरसों में यह टीका लगाया जा रहा है। 9 माह से 15 साल तक के सभी बच्चों को दोनों रोगों का एक टीका लगाया जाएगा जिसे लगाकर अपने मासूम बच्चों को रोग से सुरक्षित रखने का आवाहन एसडीएम डॉक्टर संदीप ने किया है।
अफवाह झूठी
रूबेला टीका जरूर लगाए सभी अफवाहें झूठी हैं, टीका लगाने के लिए मुस्लिम समुदाय के सभी धर्मगुरुओं के अनुमति देने की बात धर्मगुरु मुफ़्ती कासिम ने कही है।
मना मत करो
टीका लगाने से बच्चों में खसरा रोग सहित रूबेला रोग होने का खतरा पूरी तरह खत्म हो जाएगा, मासूम बच्चों के हित में सरकार ने देश को खतरा तथा रूबेला रोग मुक्त बनाने की योजना बनाई है इसलिए टीका लगाने से मना ना करें, मासूमों के भविष्य के लिए यह टीका लगाएं, यह अपील बाल चिकित्सक डॉक्टर फ़र्ज़न्द अली सिद्दीकी ने की है।
