पीयूष मिश्रा/अश्वनी मिश्रा, सिवनी/छपारा (मप्र), NIT:
सिवनी जिले के छपारा से सुनवारा जाने वाली जैन बस आज दोपहर लगभग 1:00 बजे भीमगढ़ रोड अंजनिया गोरखपुर घाट पर अनियंत्रित होकर पलट गई जिसमें एक बालिका की मृत्यु हो गई तथा 16 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। इस हृदय विदारक हादसे में बस ऑपरेटर तथा आरटीओ सहित छपारा पुलिस की सांठगांठ के चलते एक 15-16 साल की मासूम बच्ची ने दुर्घटना स्थल पर ही दम तोड़ दिया और 16 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल भी हो गए।

उल्लेखनीय है कि छपारा से सुनवारा जाने वाली जैन बस क्रमांक MP 22 B 0317 आज दोपहर लगभग 12: 40 पर छपारा बस स्टैंड से सुनवारा के लिए रवाना हुई थी, इस बस में क्षमता से अधिक सवारी होने के साथ-साथ इस बस के अंदर तथा ऊपर भी अत्यधिक मात्रा में माल लदा हुआ था। जैसे ही उक्त बस भीमगढ़ रोड स्थित अंजनिया गोरखपुर घाट के करीब पहुंची चालक अपना नियंत्रण बस से खो बैठा और बस घाट के नीचे पलट गई जिसमें सवार शशी बरमैया उम्र 16 वर्ष निवासी देवघाट तिलवारा की मौके पर ही मौत हो गई और लगभग 16 महिला पुरुष तथा बच्चे भी गंभीर रूप से घायल हो गए।
ग्रामीणों ने कांच फोड़कर घायलों को बाहर निकाला

गोरखपुर टेक के पास जैसे ही जैन बस पलटी तो उसमें खचाखच भरे यात्रियों में चीख-पुकार मच गई जिसे सुनकर आसपास के ग्रामीण मदद के लिए दौड़े और उन्होंने बस की काँच तोड़ कर घायलों को किसी तरह बाहर निकाला। इस बात की सूचना तत्काल 108 एंबुलेंस को दी गई एंबुलेंस के ईएमटी प्रतुल श्रीवास्तव तथा पायलेट विकास दुबे ने तत्काल मौके पर पहुंचकर घायलों को छपारा हॉस्पिटल लेकर पहुंचे जहां से 5 गंभीर यात्रियों को सिवनी हॉस्पिटल रेफर कर दिया गया है।
आरटीओ और पुलिस का संरक्षण, जैन बस का नंबर भी है संदिग्ध
छपारा से भीमगढ़ सुनवारा पलारी और केवलारी मार्ग में बेलगाम दौड़ने वाली बसों मे एक छत्र राज छपारा के जैन बस सर्विस का है और इस बस ऑपरेटर को आरटीओ तथा छपारा पुलिस का संरक्षण प्राप्त है। इस मार्ग में बेलगाम दौड़ने वाली जैन बस सर्विस का आतंक इतना है कि इन बसों में बस मालिक के द्वारा भेड़ बकरियों की तरह सवारियों को ठूस ठूस कर भरा जाता है यही नहीं बस के अंदर और ऊपर भी अत्यधिक भार वाला माल भी लोड किया जाता है। और यह पूरा खेल आरटीओ तथा छपारा पुलिस की मिलीभगत से बेखौफ चल रहा है। आज भीमगढ़ रोड अंजनिया गोरखपुर घाट पर दुर्घटनाग्रस्त हुई जैन बस क्रमांक MP 22 B 0317 का रिकॉर्ड एमपी ट्रांसपोर्ट ऑनलाइन पर खंगाला गया तो उक्त बस का नंबर नो रिकॉर्ड फाउंड के रूप में वेबसाइट पर नजर आ रहा है। अब देखना यह है कि छपारा पुलिस इस मामले में क्या कार्यवाही करती है।

