विधिक साक्षरता जागरूकता शिविर का हुआ आयोजन | New India Times

मेहलक़ा अंसारी, बुरहानपुर (मप्र), NIT

विधिक साक्षरता जागरूकता शिविर का हुआ आयोजन | New India Times​जिला विधिक सहायता अधिकारी श्री रॉबिन दयाल ने एनआईटी संवाददाता को बताया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बुरहानपुर एवं महिला एवं बाल विकास विभाग बुरहानपुर के संयुक्त तत्वाधान में महिलाओं के अधिकार एवं कर्तव्य तथा मध्यस्थता विषय पर जिला जागरूकता शिविर का आयोजन प्रधान न्यायाधीश मान. उपेन्द्र कुमार सोनकर के मुख्य आतिथ्य में जिला पंचायत भवन सभाकक्ष में आयोजित किया गयाl उक्त अवसर पर जिला न्यायालय बुरहानपुर के जिला विधिक सहायता अधिकारी रॉबिन दयाल , वरिष्ठ समाजसेवी महेंद्र जैन , पेरालिगल वोलेंनटियर डा. फौज़िया फरहाना सोडावाला, महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री सौरभ सिंह , सहायक जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री सुभाष जैन एवं बुरहानपुर , नेपानगर , खकनार क्षेत्र की सुपरवाईजर , शिक्षिकाऐं सहायिकाओं एवं अधिकारीगण बृहद स्तर पर उपस्थित थे।​विधिक साक्षरता जागरूकता शिविर का हुआ आयोजन | New India Times उक्त कार्यशाला शिविर को संबोधित करते हुए प्रधान न्यायाधीश श्री उपेन्द्र सोनकर ने कहा की महिलाएं जब तक शिक्षित नहीं होंगी तब तक हम सब का महिला सशक्तिकरण की बात करना सार्थक नहीं होग l इसलिए महिलाओं को शिक्षित होना, अपने अधिकारों के बारे में जानना, कानून की जानकारी रखना, अपने आप को अबला नहीं सबला बनाना, जब तक नहीं करेंगी, तब तक समाज में महिला सशक्तिकरण की बात के साथ साथ हम लोगों को कुपोषण, पिछड़ापन, स्वास्थ्यता, स्वच्छता जैसी और अनेक बातों का सामना करना पड़ सकता है, इसलिए नारी शक्ति जब तक जागृत नहीं होगी, तब तक ना हमारा समाज , शहर , राज्य व् देश विकास की और अग्रसर होगाl  

श्री सोनकर ने कहा की वर्तमान समय की सबसे महत्वपूर्ण समस्या महिलाओं के ऊपर अत्याचारों की वजहों से अनेकों परिवार टूटने की कगार पर आकर खड़े होते हैं l समाज का प्रत्येक व्यक्ति चाहे, वह सामाजिक हो या सरकारी या गैर सरकारी हो मध्यस्थता जैसी भूमिका का निर्वहन कर समाज में परिवार को मिलाने का एक उत्कृष्ठ उदारहण दे सकता है और आज आवश्कता मध्यस्थता की है। इसलिए कि मध्यस्थता की वजह से बड़े से बड़े मसले को शांति पूर्वक बैठकर पारिवारिक माहौल में उस समस्या का समाधान खोज कर उन दो परिवारों को एक किया जा सकता हैl आपने समाज के आखरी पंक्ति तक बैठे हुए सम्मानीय जन से निवेदन किया है की मध्यस्थता की भूमिका का निर्वहन कर एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा चलने वाली योजनाये निशुल्क विधिक सहायता, लोक अदालत , मध्यस्थता का लाभ प्राप्त कर समाज में एक नई दिशा व दशा बदलने का कार्य कर एक उत्कृष्ठ उदारहण दे सकते हैं।

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