मेहलक़ा अंसारी, बुरहानपुर (मप्र), NIT;
रविवार को स्थानीय ज्ञानवर्धनी सभागृह में मुस्लिम मनिहार शीशगर समाज संगठन समिति के जिला स्तरीय सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश की महिला बाल विकास मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनिस (दीदी) ने शिरकत की।
अपने संबोधन में मंत्री श्रीमती चिटनिस ने कहा कि समाज के सभी लोगों को शिक्षा के महत्व, फिजूलखर्ची और दहेज प्रथा को खत्म करने के संबंध में प्रयत्न कर एक मिसाल पेश करना चाहिए। मंत्री श्रीमती चिटनिस ने समाज द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह अच्छी बात है कि समाज ने ठाना है, दहेज प्रथा भगाना है और शिक्षा को आगे लाना है। उन्होंने कहा कि जिस घर के बुजुर्ग सलामत रहे और बच्चे संस्कारी रहते है तो उस परिवार की प्रगति को कोई रोक नहीं सकता। श्रीमती चिटनिस ने कहा कि हमें अपने पुश्तैनी व्यवसाय को कभी भी छोड़ना नहीं चाहिए, इससे हमारी और समाज की पहचान खत्म हो जाती है। मनिहार समाज, जो चुड़िया पहनाने का व्यवसाय है, यह बहुत बड़े विश्वास का कार्य है।
मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनिस ने समाजजनों को सरकार द्वारा चलाई जा रही अनेक योजनाओं की विस्तृत जानकारी देते हुए आगे आकर लाभ उठाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मा. शिवराजसिंह चौहान द्वारा वर्तमान में अनेकों योजनाएं चलाई जा रही है। जिसमें कन्यादान विवाह एवं निकाह योजना भी शामिल है। श्रीमती चिटनिस ने कहा कि मजदूर को अब मजबूर नहीं रहने दिया जाएगा, बल्कि मजदूर को सशक्त बनाया जाएगा। प्रदेश सरकार द्वारा मजदूर वर्ग के लिए हाल ही में प्रारंभ मुख्यमंत्री जनकल्याण योजना ‘‘संबल‘‘ गरीबों के लिए वरदान साबित हो रही है। इस योजना के तहत मजदूर परिवारों के बच्चे निःशुल्क पढ़ाई कर सकेंगे। मजदूरों के परिवार की महिलाओं को प्रसव के समय आर्थिक सहायता मिल रही है। मजदूर परिवारों के सदस्यों का निःशुल्क उपचार किया जा रहा है तथा मजदूर की मृत्यु पर अंत्येष्टी सहायता, अनुग्रह सहायता व 4 लाख रूपए की आर्थिक मदद भी दी जा रही है। उन्होंने कहा कि कोई भी श्रमिक पंजीयन से वंचित न रहे। पंजीयन की ओर ध्यान देकर अधिक से अधिक पंजीयन करवाया जाए, ताकि उन्हें शासकीय योजनाओं से लाभान्वित किया जा सकें। उन्होंने कार्यक्रम में प्रधानमंत्री सौभाग्य योजना, प्रधानमंत्री उज्जवला योजना, आयुष्मान भारत, मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना सहित अन्य योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जनकल्याण योजना संबल के तहत महिला श्रमिक को प्रसव पूर्व जांच के दौरान 4 हजार रूपए तथा प्रसव के बाद 12 हजार रूपए की मदद देने का प्रावधान है। इस योजना में श्रमिक की मृत्यु होने पर अन्त्येष्टि सहायता हेतु 5 हजार रूपए, दुर्घटना में मृत्यु होने पर 4 लाख रूपए, सामान्य मृत्यु होने पर 2 लाख रूपए की मदद, स्थाई अपंगता पर 2 लाख रूपए की मदद, आंशिक स्थाई अपंगता पर 1 लाख रूपए की मदद दी जा रही है।
कार्यक्रम में मध्यप्रदेश बाल संरक्षण आयोग के सदस्य द्रविन्द्र मोरे, नगर निगमाध्यक्ष मनोज तारवाला, जनपद पंचायत अध्यक्ष किशोर पाटिल, जगदीश कपूर, मुस्लिम मनिहार शीशगर समाज संगठन समिति के अध्यक्ष शेख बिस्मिल्ला, शेख नूर, शेख सलीम, शेख रहीम, शेख याकुब, शेख जावेद, शेख दस्तागीर, शेख सलमान, सैयद सलीम, सुधीर खुराना, रूद्रेश्वर एंडोले, किशोर राठौर, अजहर-उल-हक, जिया ईनामदार, शेख समद, शेख फरीद, शेख सत्तार, नवेद, समर्थ चिटनिस, सदु गुप्ता, गौरव शुक्ला, राहुल मराठा सहित अन्य जनप्रतिनिधि व समाजजन उपस्थित थे ।
