व्यापम घोटाले का निर्णय सर्वोच्च न्यायालय से और भोपाल गैस कांड-1984 का मामला रेंग रहा है अभी जिला न्यायालय के गलियारों में: मो. तारिक  | New India Times

मोहम्मद तारिक, भोपाल, NIT; ​व्यापम घोटाले का निर्णय सर्वोच्च न्यायालय से और भोपाल गैस कांड-1984 का मामला रेंग रहा है अभी जिला न्यायालय के गलियारों में: मो. तारिक  | New India Timesविपक्षी राजनीतिक दल प्रमुख आज देश की शीर्ष न्यायालय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा मध्यप्रदेश व्यापम घोटाले में 634 परीक्षार्थियों के परिणाम रद्द होने पर जश्न मनाते मांग करते हैं कि प्रदेश मुखिया शिवराज सिंह चौहान को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे देना चाहिए ! कहते हैं कि सरकार माफिया, दलालों और व्यापम से जुड़े भ्रष्ट अधिकारीगण ने नकल कराई, जबकि मुख्य विपक्षी दल प्रमुख ने अभी तक धर्मनिरपेक्ष दल शासनकालों में बड़े-बड़े हुए कांडों में से एक सबसे बड़ा कांड “भोपाल गैस कांड-1984” पर अकल नहीं लगाई! सन 1984 की भोपाल गैस कांड की विभिषिका में 25000 मृतक गैस प्रभाव से काल के गाल में समा चुके हैं !

प्रदेश विपक्षी राजनीतिक दल प्रमुख जब आप नहीं बच्चे थे आपके ताऊ तत्कालीन मध्यप्रदेश मुख्यमंत्री एवं भारत के प्रधानमंत्री कितने अच्छे थे कि सन 1984 भोपाल गैस कांड की विभिषिका में गैस प्रभाव से 25000 मृतकों को गहरी नींद में ही सुला देने वाले और जिंदा लाश की तरह 3 लाख मानसिक शारीरिक अपंग हुआ शहर भोपाल शहरवासी प्रभावित हुए 36 वार्डों के मुख्य आरोपी एंडरसन को सकुशल उसके देश छोड़ दिया !

  देखिए तो सही किस संवैधानिक व्यवस्था के तहत अत्याचार कर नयायालय के बाहर समझौता कर 03 लाख भोपाल गैस पीड़ितों के साथ अन्याय किया जो आज भी अन्याय के खिलाफ न्याय की उम्मीद लगाए बैठे हैं, लेकिन यह व्यथा-व्यवस्था समझ से परे है व्यापम घोटाले का निर्णय आया सर्वोच्च न्यायालय से और भोपाल गैस कांड का मामला रेंग रहा है अभी जिला न्यायालय के गलियारों में …. !

                       “अब तो वैचारिक द्वंद हैं।”

                    @मो. तारिक (स्वतंत्र लेखक)

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