कासिम खलील, बुलढाणा (महाराष्ट्र), NIT;
अवैध धंदे चलने दिये जाए या नही यह सब पुलिस प्रशासन पर निर्भर है। आज बुलढाणा जिले में अवैध धंदे जोरों पर चलते नजर आ रहे हैं। इतना ही नहीं अब तो अवैध कारोबारियों के हौसले इतने बुलंद हो गए हैं कि वे अपना कारोबार चलाने के लिये नाबालिग का उपयोग कर रहे हैं। ऐसा ही एक मामला “स्टिंग आॅपरेशन” में कैद हुआ है।
बुलढाणा ग्रामीण थाना हद के बुलढाणा – खामगांव मार्ग स्थित वरवंड नाके पर ब्रिटीशकालीन वनविभाग का बंगला है जिसके अहाते में होटलों के पीछे अवैध वरली मटका का कारोबार पिछले कई माह से चल रहा है। चौंकाने वाली बात तो यह देखने को मिली की, वरली लिखने का काम एक 17 वर्षीय नाबालीग बालक से कराया जा रहा है। इस अवैध काम को करने वाले नाबालीग बंडु वर्मा (बदला हुआ नाम) से पुछे जाने पर उसने बताया की वह 17 साल का है तथा बुलढाणा निवासी है और पिछले एक ढेड माह से वरली के आंकडे लिखने का काम कर रहा है। इस काम के एवज में उसे 350 रूपए मजदुरी दी जाती है तथा रोजाना ३० हजार रूपए के लगभग वरली का धंदा होता है। वन विभाग की जमीन पर चलने वाले इस अवैध वरली अड्डे की शुटिंग करते समय वरली खेलने आए लोग कैमरा देखते ही भाग खडे हुए थे। वरली मटके के इस अवैध कारोबार में नाबालीग का उपयोग करना बडी गंभीर बात है। अब देखना यह है की इस मामले में पुलिस क्या कदम उठाती है?
जिले में अवैध धंदे जोरों पर
करीब 13-14 महिने पहले शशीकुमार मिना ने बुलढाणा एसपी का पदभार स्वीकारते ही पत्रकार परिषद लेकर जानकारी दी थी की वे जिले में अवैध कारोबार चलने नही देंगे और उनकी यह बात कुछ हद तक सच भी रही। आरंभ के 5-6 महिने अवैध धंदे 80 प्रतीशत बंद थे किंतु धीरे-धीरे जिले में वरली मटके की दुकानें, जुए के अड्डे वापस खुलने लगे और आज स्थिती फिर से पहले जैसी हो गई अर्थात खुले आम अवैध कारोबार जोरों पर चल पडा है।
जिले में अवैध कारोबारियों पर कार्रवाई जारी है। पिछले कार्यकाल की तुलना में अधिक केसेस किये गए हैं। अवैध कारोबार में लिप्त लोगों को तडीपार भी किया गया है और कुछ के प्रस्ताव बने हुए हैं। जिले में जहाँ भी अवैध धंदे चल रहे है इसकी जानकारी दी जाए ताकी कार्रवाई हो: शशिकुमार मिणा, एस.पी.बुलढाणा
