साबिर खान, लखनऊ, NIT;
पत्रकार फराज अंसारी पर दर्ज फर्जी मुकदमे का मामला तूल पकडता जा रहा है। जिला अस्पताल में व्याप्त भ्रष्टाचार को बेनकाब करने पत्रकार पर कुछ दिनों पूर्व सोची समझी साजिश के तहत फर्जी मुकदमा दर्ज कर पत्रकार की लेखनी पर बंदिश लगाने की कोशिश की गई थी जिसका जिले के सभी पत्रकारों ने पुरजोर विरोध कर निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी।
जिले के पत्रकारों ने बीते दिनों पत्रकार पर दर्ज कराए गए फ़र्ज़ी मुकदमे मामले में पुलिस अधीक्षक में मुलाकात की थी, सभी ने एक सुर में एक बार फिर पत्रकार फ़राज़ अंसारी पर दर्ज किए गये फ़र्ज़ी मुकदमे को निष्पक्ष पत्रकारिता पर करारा प्रहार मानते हुए इसे घातक बताया है। वहीं जिला प्रशासन के रवैय्ये पर भी जिले के पत्रकारों ने अपना रोष जाहिर किया है। इस दौरान पुलिस कप्तान से वार्ता करते हुए पत्रकारों ने बताया कि फ़र्ज़ी मुकदमा अभी तक समाप्त नहीं किया गया है और आरोप लगाने वाला शातिर खुले आम घूम रहा है। जिसके खिलाफ पुलिस द्वारा कोई भी कार्यवाही अभी तक नहीं कि गयी है। पुलिस कप्तान ने प्रकरण को गम्भीरता से लेते हुए बताया कि मामला उनके संज्ञान में है और इसकी जांच के आदेश दिये जा चुके हैं। पत्रकारों ने आज फिर उन्हें एक शिकायती प्रर्थना पत्र सौंपा जिसपर उन्हों सीओ सिटी को उचित कार्यवाही के आदेश दे दिये। पुलिस कप्तान ने पत्रकारों को आश्वस्त करते हुए कहा न्यायोचिय कार्यवाही की जाएगी और पुलिस पूरी निष्पक्षता से मामले की जांच करेगी। हालांकि कई दिन बीत जाने के बावजूद भी प्रकरण का हल न निकलने पर पत्रकारों ने अपना रोष जाहिर करते हुए आगामी दिनों में आंदोलन की भी चेतावनी दी है।
इस दौरान अभिषेक शर्मा, सलीम सिद्दीकी, फहीम किदवई, राम बरन चौधरी, सिकन्दर हुसैन, फ़ैज़ खान, अरशद क़ुददूस, अब्दुल कादिर, फहीम अहमद, डीपी श्रीवास्तव, विनोद त्रिपाठी, फ़ैज़ खान, अमनदीप शुक्ला, डॉ हरीश वर्मा, ज़की आलम सिद्दीकी, सन्तोष श्रीवास्तव, राहुल यादव, अब्दुल कादिर मुन्ना, फहीम अहमद, अब्दुल कादिर, निजामुद्दीन अख्तर, एसपी मिश्रा, वीरू श्रीवास्तव, बिन्नू बाबा, दिलशाद अन्सारी, नसीम खान, डीपी श्रीवास्तव, बाबू खान, मनीष कुमार, प्रदीप यादव, ,सुहैल यूसुफ, मनीष शर्मा, महेश गुप्ता, वारसी सहित कई दर्जन पत्रकार उपस्थित रहे।
