अश्वनी मिश्रा की ग्राउंड जीरो से रिपोर्ट
सिवनी/ छपारा (मप्र), NIT;
प्रदेश सरकार के मुखिया शिवराज सिंह चौहान की भावी योजनाओं और मंशाओं पर पानी फेरने के लिए अधिकारियों ने अपनी कमर कस ली है जिसका परिणाम यह है कि आम जनता के बीच में मध्यप्रदेश सरकार की लोकप्रियता का ग्राफ लगातार तेजी से गिरता जा रहा है। ताजा मामला छपारा जनपद पंचायत का सामने आया है जहां 20 अप्रैल शुक्रवार के दिन मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत जनपद के जिम्मेदार अधिकारियों ने 43 जोड़ों का विवाह बिना मंगलसूत्र पहनाए संपन्न करा दिया। मीडिया की टीम ने इस गंभीर मामले को मौके पर ही पकड़ा तो जनपद पंचायत की सीईओ सहित जिम्मेदार जनप्रतिनिधि भी दूसरे विभाग पर ठीकरा फोड़ते हुए अपने आप को बचाते नजर आए।
उल्लेखनीय है कि 20 अप्रैल शुक्रवार को जनपद पंचायत छपारा के प्रांगण में मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत आनन फानन में 43 जोड़ों का विवाह संपन्न कराया गया। इस कार्यक्रम की जानकारी और आमंत्रण पत्र भी ठीक उसी ही दिन बांटे गए जब कार्यक्रम संपन्न होना था। जैसे तैसे कार्यक्रम की शुरुआत हुई और दोपहर के समय जब वर के द्वारा वधू को मंगलसूत्र पहनाए जाने का संस्कार का समय आया तो बिना मंगलसूत्र पहनाएं 43 जोड़ों का विवाह जनपद पंचायत की सीईओ शिवानी मिश्रा और जनपद के जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों सहित मंच पर बैठे सिवनी विधायक मुनमुन राय और महाकौशल विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष नीता पटेरिया सहित जिला पंचायत सदस्य ठाकुर जयकेश सिंह और जनपद अध्यक्ष केशरबाई तथा जनपद उपाध्यक्ष नीरज दुबे सहित उपस्थित तमाम जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में मुख्यमंत्री कन्यादान योजना से इन सभी 43 जोड़ों का विवाह बिना मंगलसूत्र पहनाए संपन्न करा दिया गया और यह सभी लोग तमाशबीन बने रहे।
वर पक्ष ने कहा फिर होगा विवाह
जनपद पंचायत छपारा के प्रांगण में मुख्यमंत्री कन्यादान योजना से संपन्न हुई सभी 43 वर वधु पक्ष से जब मीडिया टीम ने यह पूछा की हिंदू रीति रिवाज के अनुसार मंगलसूत्र वधु को पहनाए जाने के बाद ही विवाह संपन्न माना जाता है ऐसी स्थिति में मुख्यमंत्री कन्यादान योजना से बिना मंगलसूत्र पहना है आप सभी जोड़ों का विवाह बिना मंगलसूत्र पहनाए करा दिया गया है तो सभी वर और वधु के परिजनों ने यह कहा कि हमें घर जाकर फिर से विवाह के साथ-साथ मंगलसूत्र संस्कार भी संपन्न कराना पड़ेगा क्योंकि यह रीति रिवाज हिंदू और सनातन धर्म में सदियों से चली आ रही परंपरा है और इस परंपरा का पालन करना हमारे धर्म और समाज के लिए भी अति आवश्यक है।
भूखे-प्यासे बैठे रहे वर-वधू और परिजन
मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत छपारा जनपद पंचायत प्रांगण में पूरे कार्यक्रम के दौरान व्यापक तौर पर अव्यवस्था देखने को मिली। दूर दराज से आए वर और वधु सहित उनके परिजनों सहित छोटे-छोटे बच्चे भूखे-प्यासे पंडाल के नीचे बैठे रहे और शाम करीब 5 बजे वर-वधु सहित उनके परिजनों को भोजन की व्यवस्था कराई गई। छपारा जनपद के अधिकारी कर्मचारी और आमंत्रित अतिथिगण ठंडे बिसलरी पानी से अपनी प्यास बुझाती रहे वहीं इन 43 वर-वधु सहित उनके परिजन भरी धूप में खड़े टैंकर के गर्म पानी को पीते नजर आए।
