शासन द्वारा केवल शिक्षा विभाग पर एम .शिक्षा मित्र योजना द्वारा e-अटेंडेंस लगाने के विरोध में निकाली गई आक्रोश रैली | New India Times

संदीप शुक्ला, ग्वालियर (मप्र), NIT; ​शासन द्वारा केवल शिक्षा विभाग पर एम .शिक्षा मित्र योजना द्वारा e-अटेंडेंस लगाने के विरोध में निकाली गई आक्रोश रैली | New India Timesशासन द्वारा केवल शिक्षा विभाग पर एम .शिक्षा मित्र योजना द्वारा e-अटेंडेंस लगाने के विरोध में दिनांक 26-3-18 को सायं 4:00 बजे मानस भवन फूलबाग से आयुक्त कार्यालय मोती महल तक शिक्षा विभाग के हजारों कर्मचारी जिनमे प्राचार्य, व्याख्याता, शिक्षक ,अध्यापक, लिपिक और चतुर्थ श्रेणी के लोग रैली के रूप में चलकर मोतीमहल में आयुक्त ग्वालियर को मुख्यमंत्री के नाम का ज्ञापन दिया गया। रैली को समस्त शिक्षक, अध्यापक लिपिकीय और लघुवेतन कर्मचारी संगठनो का भरपूर समर्थन मिला। ​​

शासन द्वारा केवल शिक्षा विभाग पर एम .शिक्षा मित्र योजना द्वारा e-अटेंडेंस लगाने के विरोध में निकाली गई आक्रोश रैली | New India Timesसंयुक्तमोर्चा के प्रतिनिधि नंदकिशोर गोस्वामी और ए.के.उपध्याय ने बताया की 1अप्रैल से लागू की जा रही एम .शिक्षा मित्र योजना में कई खामियां हैं जो निम्नानुसार है:-

(1)एम .शिक्षा मित्र योजना सिर्फ शिक्षा विभाग में ही लागू होने से शिक्षक स्वयं को अपराधी की श्रेणी में समझ रहा हे l

जबकि इसके स्थान पर एम .शिक्षा मित्र की जगह एम .गवर्मेन्ट योजना होना था जिससे वे सभी कर्मचारी जिनका वेतन कोषालय से आहरित होता है उनको एम .गवह्रमेन्ट योजना के माध्यम से e-अटेंडेंस लगाना उचित थी l

(2)यदि किसी की डयूटी शाला परिसर से बाहर प्रशिक्षण, परीक्षा मूल्यांकन, निर्वाचक संबंधी कार्य में लगी हो तो एप पर उसे निर्धारित समय और स्थान पर न पाकर अनुपस्थित मान लिया जायेगा।

 (3) शाला जाते समय मोबाइल गुम हो गया, चोरी हो गया अथवा बिगड़ गया तो उस अवधि की उपस्थिति का क्या होगा ? ये विचारणीय प्रश्न है!

(4)हर एंड्राइड मोबाइल की उम्र मात्र अधिक से अधिक 2वर्ष होती हे l

तो हर शिक्षक को 10से 15हजार रुपये प्रति 2वर्ष में जेब से खर्च करना पड़ेंगे l

मतलब अपने बच्चों की जरूरतों में कटौती करनी पड़ेगी, ऊपर से प्रतिमाह 300 से 400 रुपये डेटा के अलग से जबकि यह शासन को देना था।

(5) इसमें जी .पी .एस .सिस्टम चालु होने से आपकी निजता भंग होने का हमेशा खतरा बना रहता है, जबकि शिक्षा विभाग में 70% महिला शिक्षक कार्यरत हैं, उनकी सुरक्षा की गारंटी कौन लेगा?

(6)इस एप में समय को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है,जबकि ग्रामीण क्षेत्रो में आवासीय सुविधाओं के अभाव,असुरक्षा स्वास्थ्य संबंधी एवं पारिवारिक दायित्वों के कारण शिक्षक शिक्षिकायें बस या निजी वाहन से शाला में पहुँचते हैं!जिसमें प्राय:20से 40 मिनिट बिलंब होने की सम्भावना बनी रहती है!एप में समय के बंधन के दबाब से निजी वाहन से जाने वाले शिक्षकों के साथ दुर्घटना की अत्याधिक स्थिति बनेगी!इसी प्रकार बस के देर से पहुंचने पर भी शिक्षक की अनुपस्थिति तय है!ऐसे में ये योजना हार्ट पेशेन्ट व अन्य सभी शिक्षकों के जीवन को गंभीर खतरा पैदा कर देगी!

(7)यदि किसी भी गैर बाजिब कारण से शिक्षक की अनुपस्थिति लगती है तथा शिक्षक कर्तव्यारूढ है,तो भी उसका उस दिन का वेतन कटना तय है!जिसे जारी कराने के लिए जिलाधीश के अनुमोदन पर भोपाल तक जटिल प्रक्रिया करनी होगी जिसके द्वारा उस दिन का वेतन प्राप्त होगा!

(8)यह प्रक्रिया हर शिक्षक द्वारा सरलता से पूर्ण कर अपना कटा हुआ वेतन प्राप्त कर लेना लगभग असंभव है!तथा इस योजना से शिक्षकों की मेहनत की कमाई पर डाका डालने की इस योजना और एप के माध्यम से शासन ने पूरी तैयारी कर ली है! 

  इसके अतिरिक्त भीअन्य बहुत सी समस्यायें इस एम .शिक्षा मित्र एप में हे l इन समस्त समस्याओं को देखते हुये शिक्षक नेताओं ने सरकार से इस पूरी प्रक्रिया को निरस्त करने की मांग की हे l

By nit

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