ओवैस सिद्दीकी, अकोला (महाराष्ट्र), NIT;
विगत 2012 मे औरंगाबाद में हुए इनकाउंटर मामले में पुलिस ने संदिग्ध 5 आरोपियों को गिरफतार किया था जिनमें अबरार खान, जफर कुरेशी, अनवर हुसेन, शाकिर खिलजी, अमान शराफ्त अली सम्मीलीत थे। अमान को असलाह आपुर्ती के इल्जाम में 2016 में उज्जैन से गिरफतार किया गया था। इस मामले में फंसे अमान को इन्साफ दिलाने के लिए एपीसीआर ने अदालत का दरवाजा खट खटाया था। इस संदर्भ में अमान की पैरवी करने वाले एपीसीआर के अधिवक्ता अहेमद रजा ने बताया की इस केस में पूर्ण अभ्यास कर दिसम्बर 2017 में अकोला की अदालत में जमानत की याचिका दाखल की थी। अकोला सेसशन कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलील सुन्ने के पश्चात जमानत मंजूर करते हुए विगत 10 मार्च 2018 को रिहाई के आदेश दिए थे।
रिहाई के बाद अमान ने संवाददाता को बताया कि गिरफतार कर मुझ पर ऐसे ऐसे इल्जामात लगाए गए कि जिसे मैं सोच भी नही सकता था तथा जांच के नाम पर मेरे साथ बहुत बुरा सलूक हुआ, जिसकी वजह से मैं बहुत परेशान था लेकीन एपीसीआर ने सफलता पूर्वक पैरवी कर मुझे इन्साफ दिलाया।
