मुकीम अहमद सहित तीन कार्यकर्ता बुधवार तक पुलिस कस्टडी में , मामला फर्जी विकलांग प्रमाणपत्र के स्टिंग ऑपरेशन का | New India Times

कासिम खलील, बुढाणा (महाराष्ट्र), NIT; मुकीम अहमद सहित तीन कार्यकर्ता बुधवार तक पुलिस कस्टडी में , मामला फर्जी विकलांग प्रमाणपत्र के स्टिंग ऑपरेशन का | New India Timesबुलढाणा जिला सरकारी अस्पताल में दिए जाने वाले फर्जी विकलांग प्रमाण पत्रों का स्टिंग ऑपरेशन कर वहां के डॉक्टरों के इस गोरखधंधे को बेनकाब करने वाले अकोला निवासी सामाजिक कार्यकर्ता मुकीम अहमद सहित उनके तीन कार्यकर्ताओं पर नागपुर हाई कोर्ट के आदेश पर अपराध दर्ज होने के बाद आज उन्हें कोर्ट में पेश किए जाने पर कोर्ट ने उन्हें आगामी बुधवार 14 मार्च तक पीसीआर में भेजने का आदेश दिया है। ​मुकीम अहमद सहित तीन कार्यकर्ता बुधवार तक पुलिस कस्टडी में , मामला फर्जी विकलांग प्रमाणपत्र के स्टिंग ऑपरेशन का | New India Timesसन 2010 में सामाजिक कार्यकर्ता मुकीम अहमद द्वारा बुलढाणा जिला अस्पताल में किए गए फर्जी विकलांग पत्र के स्टिंग ऑपरेशन ने पूरे राज्य भर में खलबली मचा दी थी.स्टिंग ऑपरेशन का उद्देश यह बताना था कि,कितनी आसानी से रुपए ले कर किसी भी व्यक्ति के नाम पर तथा बिना किसी डॉक्टरी जांच के कितनी आसानी से विकलांग प्रमाणपत्र मिलते है.इस स्टिंग ऑपरेशन के लिए मुकीम अहमद ने 2010 में अकोला के तत्कालीन जिलाधीश मुथ्थुकृष्णन नारायणन के फोटो के साथ अपने कार्यकर्ता को बुलढाणा जिला अस्पताल में एक दलाल के पास भेजा जिसने 7 हज़ार रुपए लिया और विकलांग बोर्ड में शामिल डॉक्टरों ने उम्मीदवार को देखे बिना ही 70% कर्णबधिर का विकलांग प्रमाणपत्र प्रदान कर दिया था. यह प्रमाण पत्र ऑफिशियली दिया गया है या बाहर के बाहर इस सत्यता को जानने के लिए मुकीम अहमद ने जिला अस्पताल में जनवरी 2011 को सूचना के अधिकार के तहत जानकारी मांगी जिसमें यह दर्शाया गया कि मुथ्थुकृष्णन शंकरनारायण के नाम पर विकलांग प्रमाण पत्र दिया गया है. मुकीम अहमद ने पत्रकार परिषद लेकर विकलांग प्रमाणपत्र दिए जाने का भंडाफोड़ किया था. इस बात को अकोला के तत्कालीन जिलाधीश मुथ्थुकृष्णन ने गंभीरता से लिया और अकोला के थाने में बुलढाणा जिला अस्पताल के विकलांग बोर्ड में शामिल कर्णबधिर तज्ञ डॉ. जे.बी राजपूत, प्रभारी जिला शल्य चिकित्सक डॉ. अशोक हीवाले, डॉ.अवाके तथा कलेक्टर के बुलढाणा निवासी होने का झूठा निवासी प्रमाण पत्र देने वाले पार्षद मोहम्मद सज्जाद तथा अन्य एक लिपिक के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज करवाया था।​मुकीम अहमद सहित तीन कार्यकर्ता बुधवार तक पुलिस कस्टडी में , मामला फर्जी विकलांग प्रमाणपत्र के स्टिंग ऑपरेशन का | New India Times इस मामले में लिप्त आरोपी डॉक्टरों की बुलढाणा जिला अस्पताल द्वारा विभागीय जांच आरंभ की गई थी. जांच समिति ने सभी डॉक्टरों को क्लीन चिट दे दी थी. इसी क्लीन चिट को आधार बनाते हुए आरोपी डॉक्टर नागपुर हाई कोर्ट से रुजू हुए और गुहार लगाई कि उनपर दर्ज अपराध को खारिज किया जाए.हाईकोर्ट में जारी ईसी सुनवाई के समय ईस मामले में एक नया मोड़ तब आया जब कोर्ट ने यह कहा कि स्टिंग ऑपरेशन करते समय अकोला के तत्कालीन जिलाधीश मुथुकृष्णन शंकरनारायण के फोटो के साथ छेड़छाड़ की गई है, तथा वे बुलढाणा के निवासी ना होते हुए भी बुलढाणा के पार्षद मोहम्मद सज्जाद ने उन्हें बुलढाणा निवासी का प्रमाण पत्र दिया है, इस पूरे स्टिंग ऑपरेशन को गैरकानूनी बताते हुए नागपुर हाई कोर्ट ने सामाजिक कार्यकर्ता मुकीम अहमद सहित इस स्टिंग ऑपरेशन में सहयोग करनेवाले उनके कार्यकर्ता अमीर मुश्ताक़,मो.तौसीफ व समीर खान के खिलाफ अपराध दर्ज करने का फरमान 5 फरवरी 2018 को दिया.25 फरवरी को बुलढाणा उपविभागीय पुलिस अधिकारी बी.बी.महामुनि की शिकायत पर बुलढाणा शहर थाने में विविध धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर 9 मार्च को चारों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया जिन्हें आज कोर्ट में पेश करने पर न्यायाधीश श्रीमती नेहा नागरगोजे ने उन्हें आगामी 14 मार्च तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया है.

“आप” के ब्रिगेडियर सावंत पहुंचे कोर्ट

विगत 12 जनवरी को सिंदखेड़ राजा में मा जिजाऊ जनमोत्स्व के समय आम आदमी पार्टी के संयोजक व दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की उपस्थिति में माहाराष्ट्र के जाने माने नेता ब्रिगेडियर सुधीर सावंत ने ‘आप’ में प्रवेश लिया था.ब्रिगेडियर सुधीर सावंत और सामाजिक कार्यकर्ता मुकीम अहमद के संबंध अच्छे होने के कारण उन्हें मुकीम अहमद की गिरफ्तारी की जानकारी मिलते ही वे आज मुलाकात के लिए बुलढाणा कोर्ट में पहोंचे और इस मुद्दे को हाईकोर्ट में उठाने की बात कही ताकि ‘दूध का दूध और पानी का पानी हो जाए।

कोर्ट में उमड़ी भीड़

प्रशासन में पल रहे भरष्टाचार को पूरी ताकत से बेनकाब करनेवाले सामाजिक कार्यकर्ता मुकीम अहमद पर कोर्ट के आदेश पर अपराध दर्ज होने के बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर आज बुलढाणा कोर्ट में पेश किया था.इस समय कोर्ट परिसर में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता जमा हो गए थे जिन्हें सयंम बनाए रखने की अपील मुकीम अहमद ने की है। 

जनता के लिए लड़ते रहेंगे: मुकीम अहमद

एक बार नही अगर हज़ार बार भी मुझे जेल जाना पड़ा तो मैं पीछे नही हटने वाला हुँ। हमारा तो काम ही आंदोलन कर शोषित,पीड़ितों को न्याय दिलाने का है। कुछ रुपए दे कर कितनी आसानी से फर्जी विकलांग प्रमाणपत्र मिलते हैं, ये तो हम ने स्टिंग ऑपरेशन कर कद सिद्ध कर दिया है और इसी स्टिंग ऑपरेशन के बाद से शासन ने विकलांग प्रमाणपत्र के लिए ऑनलाइन प्रणाली आरंभ की है जो हमारे स्टिंग ऑपरेशन की जीत है।        

By nit

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