Edited by Shaikh Naseem,
नई दिल्ली, NIT;

गोवा, मणिपुर के बाद अब मेघालय में भी कांग्रेस जीत कर हार गई। पूर्वोत्तर राज्यों में कांग्रेस का प्रदर्शन अब तक का सबसे ख़राब प्रदर्शन रहा है। त्रिपुरा और नागालैंड में बुरी तरह हारने के बाद एक उम्मीद मेघालय में बची थी, जहाँ कांग्रेस का प्रदर्शन कुछ बेहतर रहा था और सरकार बनाने की उम्मीद भी जगी थी, लेकिन आखरी वक्त पर भाजपा ने ऐसी चाल चली कि कांग्रेस सिर्फ देखती ही रह गई।
पहले गोवा में फिर मणिपुर में अब मेघालय में इतिहास ने अपने आपको फिर दोहराया है। गोवा, मणिपुर और मेघालय तीनों राज्यों में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी लेकिन सरकार बनाई भाजपा ने, हर बार कांग्रेस जीतकर भी हार रही है और भाजपा हारकर भी जीत रही है। भाजपा ने अपने दो विधायकों को लेकर सरकार बनाने के ऐसे समीकरण बनाए कि कांग्रेस के साथ साथ पूरा देश देखता रह गया। भाजपा ने नामुमकिन को मुमकिन कर दिया। अगर किसी को देश में राजनीती सीखना हैं तो वो भाजपा से सीखे। कांग्रेस ने अपने दो महारथी मेघालय भेजे थे लेकिन वो भी कुछ नहीं कर पाये और खाली हाथ लौट आये।
नेशनल पीपुल्स पार्टी के कॉनराड संगमा मेघालय के नए मुख्यमंत्री होंगे। उन्होंने अपने 34 विधायको की लिस्ट राज्यपाल गंगा प्रसाद को देकर सरकार बनाने का दावा पेश किया है। राज्यपाल ने कॉनराड संगमा को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया है। 6 मार्च को सुबह 10:30 बजे कॉनराड संगमा मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे।
