कासिम खलील, बुलढाणा(महाराष्ट्र), NIT;
खेत में फसल के पास शिकार के उद्देश्य से लगाए गए जाल में बुरी तरह से फंस जाने के कारण एक 7-8 वर्षीय मादा तेंदुए की प्यास और घबराहट से मौत हो गई। तेंदुए की मौत होने के बाद वनविभाग में खलबली मच गई है। हालांकि घटना की जानकारी मिलते ही दोपहर में बुलढाणा वनविभाग की रेस्क्यू टीम घटनास्थल की तरफ तेंदुए को बचाने के लिए निकल चुकी थी किन्तु उनके पहुंचने से पहले ही तेंदुए ने दम तोड़ दिया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार बुलढाणा ज़िले के सिंदखेड राजा तहसिल अंतर्गत ग्राम जल पिंपलगांव के पास ओमकार बापू भालेराव का खेत है जिसमें कपास की फसल खड़ी हुई है। आज 4 फ़रवरी को खेत के एक छोर पर एक तेंदुआ जाल में फंसा हुआ नज़र आने के बाद घटना की जानकारी गांव वालों ने सिंदखेड राजा के आरएफओ ई.पी.सोलंकी को दी। तत्पश्चात वन विभाग के कुछ कर्मी घटनास्थल पर पहुंचे किन्तु तेंदुए को जाल से मुक्त कराना उनके बस से बाहर था इस लिए ये जानकारी बुलढाणा के डीएफओ बी.टी.भगत,एसीएफ बी.ए.पोल को दिए जाने के बाद उन्होंने तत्काल रेस्क्यू टीम के सदस्य संजय राठौड, समाधान मांटे, जगताप और देवीदास वाघ को अपने रेस्क्यू के पुरे सामान के साथ बुलढाणा से रवाना किया। उधर तेंदुए को देखने के लिए जल पिंपलगांव सहित आस-पास के कई देहातों के लोग सैंकड़ों की संख्या में जमा हो गए थे। कड़ी धुप में तेंदुआ अपने आप को जाल से मुक्त कराने के लिए निरंतर छटपटा रहा था और फिर आस पास मौजूद भीड़ से वह काफी घबरा गया था। इस बीच कुछ ग्रामास्थो ने तेंदुए को जाल से निकालने का प्रयास भी किया लेकिन वे सफल नहीं हो पाए और ऐसे में तेंदुए ने घबराहट में दम तोड़ दिया। जानकारी मिलने के बाद भीड़ को हटाने के लिए सिंदखेड राजा के थानेदार एस.एम.जाधव भी अपने दल के साथ पहुंच गए थे। जबकि नायब तहसिलदार हरी वीर ने भी घटनास्थल का जायज़ा लिया। जब रेस्क्यू टीम वहाँ पहूंची तो पता चला कि तेंदुए की मौत हो गई है। इसकी सुचना बुलढाणा में मौजूद डीएफओ भगत को दी गई जो फौरन जल पिंपलगांव के लिए रवाना हो गए। मानद वन्यजीव रक्षक मंजितसिंह सिख की मौजूदगी में तेंदुए का पोस्टमार्टम के बाद उसे जला कर नष्ट कर दिया जाएगा।
बताया जा रहा है कि इस इलाके में कई लोग जंगली सूअर का शिकार करते हैं। जंगली सूअर को पकड़ने के लिए शिकारी खेतों में जाल बिछा देते हैं। कयास लगाया जा रहा है कि जल पिंपलगांव के किसान ओमकार भालेराव के खेत में भी किसी ने ये जाल लगाया था जिसमें फंस कर एक तेंदुए की मौत हो गई। अब वन विभाग के लिए ये ज़रूरी हो गया है कि ये जाल किसने लगाया था यह पता करे।
ग्राम जल पिंपलगांव परिक्षेत्र में नर-मादा तेंदुए के अलावा उनके 2 शावक साथ में घूमते हुए किसानों ने देखे हैं और अब मादा तेंदुए की मौत के कारण नर और उसके 2 शावक उसी इलाके में हैं। अनुमान लगाया जा रहा है की मादा तेंदुए की मौत से नर तेंदुआ आक्रमक हो सकता है इस लिए वन विभाग उचित निर्णय ले कर इसका बंदोबस्त करे, ऐसी मांग ग्रामस्थोः द्वारा की जा रही है।
इस घटना के संदर्भ में बुलढाणा के डीएफओ बी.टी.भगत से पूछे जाने पर उनहोंने कहा कि मामले की जांच की जायेगी और जिसने भी खेत में जाल लगाया था उसके खिलाफ भारतीय वन अधिनियम अनुसार अपराध दर्ज किया जाएगा।
