अनुज ओझा, भिंड ( मध्यप्रदेश ), NIT;
बीते दिनों भिंड जिले में हुई ओलावृष्टी से फसलें प्रभवित हुई हैं। किसान एक बार फिर मुआवजे के लिए सरकार की ओर उम्मीद की नजर से देख रहे हैं। अनुमान लगाया जा रहा लगभग आठ हजार से ज्यादा किसानों की फसलें प्रभवित हुई हैं। सामान्य प्रशासन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) लाल सिंह आर्य भिंड में दो दिन पहले ओलों से प्रभावित फसलों का जायजा लेने पहुंचे थे। उन्होंने चर्चा करते हुए बताया कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की सरकार संकट की इस घड़ी में ओला प्रभावित किसानों के साथ है। मंत्री श्री आर्य ने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा टीम गठित कर सर्वे कार्य शुरू करा दिया गया है। ओले से प्रभावित फसलों के हर किसान को फसल नुकसान के मान से सहायता राशि उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही जिन किसानों की 100 प्रतिशत फसलें प्रभावित हुई हैं, उनकी वसूली स्थगित की जाएगी।
गोहद क्षेत्र से विधायक आर्य ने कलेक्टर इलैया राजा टी के साथ गोहद तहसील के ओला प्रभावित गांवों में खेत-खेत पहुंचकर किसानों से बात की। उन्होंने कहा कि गोहद के किसानों की सरसों, गेहूं की फसल प्रभावित हुई हैं।
जिला प्रशासन द्वारा राजस्व, कृषि, ग्रामीण विभाग के अधिकारी, कर्मचारियों से गांव-गांव जाकर सर्वे कर रहे हैं। साथ ही सर्वे टीमों पर निगरानी रखने के लिए भी दल गठित किए गए हैं। प्रभावित किसानों को फसलों की क्षति का आंकलन ग्राम सभा के समक्ष कराया जाकर ग्राम पंचायत पर सूची को चस्पां कराया जाकर सहायता राशि प्रदान की जाएगी। जिले में करीब 200 गांवों के 8 हजार किसानों की फसल को नुकसान हुआ है। इसमें 40 से 50 करोड़ रुपए का नुकसान का अनुमान लगाया गया है।
