बुरहानपुर में ड्रोन सर्वे नहीं होने से हजारों ग्रामीण स्वामित्व योजना से वंचित, भीम आर्मी नेता दत्तू मेढ़े ने दी आंदोलन की चेतावनी | New India Times

मेहलक़ा इक़बाल अंसारी, ब्यूरो चीफ, बुरहानपुर (मप्र), NIT:

ग्रामीण क्षेत्रों में मकानों के मालिकाना हक को कानूनी आधार देने के लिए चलाई जा रही स्वामित्व योजना का लाभ ड्रोन सर्वे और आबादी सूची में नाम दर्ज न होने के कारण हजारों ग्रामीणों तक नहीं पहुंच पा रहा है। इस मुद्दे को लेकर भीम आर्मी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दत्तू मेढ़े लगातार आवाज उठा रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द निराकरण नहीं हुआ तो जन अधिकार आंदोलन के तहत बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।

दत्तू मेढ़े ने बताया कि वे पिछले कई महीनों से ड्रोन सर्वे कराने की मांग को लेकर जिला कलेक्टर को लिखित आवेदन दे चुके हैं। जनसुनवाई में भी कई बार प्रशासन को इस समस्या से अवगत कराया गया है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। जब उन्होंने तहसीलदार से चर्चा की तो पता चला कि कई गांवों से लगे क्षेत्र अभी तक आबादी के रूप में घोषित ही नहीं किए गए हैं, इसलिए वहां के लोगों के नाम ड्रोन सर्वे की सूची में शामिल नहीं हो पाए हैं।

उन्होंने सवाल उठाया कि जब गांव वर्षों से बसे हुए हैं, आबादी लगातार बढ़ रही है, पंचायतों द्वारा पट्टे दिए गए हैं और कई परिवारों को आवास योजनाओं का लाभ भी मिल चुका है, तो ऐसे क्षेत्रों के लोगों को स्वामित्व योजना से वंचित क्यों रखा जा रहा है? ड्रोन सर्वे में नाम न होने से गरीब परिवारों को अपने मकानों की रजिस्ट्री कराने में परेशानी होगी।

दत्तू मेढ़े ने आरोप लगाया कि पूर्व में एक निजी एजेंसी के माध्यम से जमीनों का सर्वे कराया गया था। उस दौरान कुछ ग्रामीणों से 500 से 3000 रुपये तक लेकर पट्टे दिए गए थे। उन्होंने सवाल किया कि यदि ग्रामीणों से राशि लेने के बाद संबंधित लोग गायब हो गए, तो इसकी जवाबदेही किसकी है? उन्होंने प्रशासन से इस मामले की जांच की मांग की।

सरपंचों से कलेक्टर को आवेदन देने की अपील

दत्तू मेढ़े ने स्थानीय सरपंच पति हेमंत महाजन सहित जिले के सभी सरपंचों से अपील की है कि जिन क्षेत्रों को अभी तक आबादी में शामिल नहीं किया गया है, उनके लिए कलेक्टर को आवेदन दें, ताकि नियमानुसार सर्वे कर पात्र गरीब ग्रामीणों को स्वामित्व योजना का लाभ मिल सके।

उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि ड्रोन सर्वे से वंचित ग्रामीणों की समस्या का जल्द समाधान नहीं हुआ तो जन अधिकार आंदोलन के तहत बड़ा विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।

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