अतिश दीपंकर ,पटना(बिहार ),NIT;
बिहार में नशामुक्ति के खिलाफ आज राज्य में बनायी गयी विशाल मानव श्रृंखला GVC की सफलता से गदगद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक प्रेस कान्फ्रेंस कर इसका ब्यौरा मीडिया को दी।मुख्यमंत्री ने कहा कि ,बिहार में आज लगभग 11, 400 किलोमीटर लंबी मानव श्रृंखला बनायी गयी और इसमें तीन करोड़ लोगों ने हिस्सेदारी की। उन्होंने कहा कि इस सफल आयोजन के लिए सभी लोग बधाई के पात्र हैं।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि, इस मानव श्रृंखला के लिए जिला प्रशासन को जिम्मेवारी दी गयी थी और इसके लिए 11, 400 किलोमीटर लंबा रूट तय किया गया था। ड्यूटी से अबतक तो फीगर आये हैं उसके अनुसार तीन करोड़ से ज्यादा लोगों ने इसमें भाग लिया। उन्होंने कहा कि ,लोगों में उत्साह था और उन्होंने स्वयं गांव-कस्बों में अन्य रूटों पर मानव श्रृंखला बनायी। मुख्यमंत्री ने कहा कि, बहुत जगह एक लाइन से काम नहीं चल रहा था और लोग उसके आगे-पीछे भी कतार में खड़े थे। उन्होंने कहा कि एक क्यू में हाथ पकड़ कर खड़ा होना मुश्किल हो गया था। यह इस बात का परिचायक है कि बिहार के लोग शराबबंदी व नशामुक्ति के पक्षधर हैं।उन्होंने कहा कि इसके माध्यम से उसका प्रकटीकरण किया गया है।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि मानव श्रृंखला की शुरुआत के लिए सवा बारह बजे का समय निर्धारित किया गया था, लेकिन उससे पहले से ही लोग खड़े थे। उन्होंने कहा कि यह सामाजिक अभियान के प्रति संकल्प था। आकलन से ज्यादा लोगों की भागीदारी थी। उन्होंने कहा कि जो कानून 2016 में लागू किया गया यह उसके पक्ष में जोरदार जनसमर्थन है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले ही इसके लिए 1.19 करोड़ लोगों ने संकल्प पत्र भरा था। उन्होंने कहा कि वर्तमान में बिहार की आबादी साढ़े ग्यारह से 12 करोड़ के बीच है और उसमें तीन करोड़ का मानव श्रृंखला में शामिल होना अभूतपूर्व घटना है। यहां नया इतिहास रचा गया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि, इससे पहले बांग्लादेश एवं नेपाल की तराई में मधेशी समुदाय ने मानव श्रृंखला बनायी थी। उन्होंने कहा कि पहले 2000-1100 किमी लंबी मानव श्रृंखला बनायी गयी थी।
पहले की मानव श्रृंखला किसी चीज के विरोध में थी जबकि यह किसी चीज के समर्थन में थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि, यह पॉजिटिव मानव श्रृंखला थी। उन्होंने इसे विलक्षण व अभूतपूर्व बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम मानव श्रृंखला बना कर ही रुकने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि, 22 मार्च को इस संबंध में हमारा अभियान संपन्न होगा। नीतीश कुमार ने कहा कि बिहार ने एक उदाहरण रखा है और जो राज्य अबतक राजस्व नुकसान के भय से शराबबंदी नहीं करते हैं, वह भी इस दिशा में आगे बढ़ेंगे।
