रहीम शेरानी हिन्दुस्तानी/पंकज बड़ोला (झाबुआ), NIT:

मेघनगर सहित पूरे क्षेत्र में हरतालिका तीज एवं गणेश चतुर्थी का पर्व श्रद्धा, उत्साह और उमंग के साथ मनाया गया। इस वर्ष दोनों पर्व एक ही दिन होने से महिलाओं और श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला।
हरतालिका तीज के अवसर पर महिलाओं एवं कन्याओं ने भगवान शिव और माता पार्वती की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। वहीं युवाओं और श्रद्धालुओं ने प्रतिष्ठानों, मंदिरों तथा घरों में शुभ मुहूर्त में भगवान गणेश की प्रतिमाओं की स्थापना की। गणेश प्रतिमाओं की स्थापना के साथ ही क्षेत्र में गणेशोत्सव का उल्लास भी शुरू हो गया।
हरतालिका तीज के व्रत को लेकर सुबह से ही महिलाएं और कन्याएं पूजा सामग्री के लिए विभिन्न प्रकार की पत्तियां और फूल एकत्रित कर घर लेकर आईं। स्नान-ध्यान के बाद सुहागिन महिलाओं ने सोलह श्रृंगार कर अखंड सौभाग्य तथा परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। अविवाहित कन्याओं ने भी मनचाहा वर पाने की कामना के साथ व्रत रखा।
धार्मिक मान्यता के अनुसार, हरतालिका तीज का व्रत माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त करने के लिए किया था। इस दिन गौरी-शंकर की विशेष पूजा की जाती है। व्रती महिलाएं दिनभर निर्जल व्रत रखकर शिव-पार्वती की पूजा करती हैं तथा शिव-पार्वती विवाह की कथा सुनती हैं। कई स्थानों पर भजन-कीर्तन और जागरण का आयोजन भी किया गया। महिलाओं ने विधि-विधान से पूजा कर भगवान शिव और माता पार्वती से सुखी दांपत्य जीवन, अखंड सौभाग्य और परिवार की खुशहाली की प्रार्थना की।
