महंत पुष्करानंद गिरी जी महाराज की बड़ी अपील: मां ताप्ती में गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन न करें | New India Times

मेहलक़ा इक़बाल अंसारी, ब्यूरो चीफ, बुरहानपुर (मप्र), NIT:

गणेशोत्सव के दौरान मां ताप्ती की पवित्रता, स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण को लेकर ताप्ती सेवा समिति, बुरहानपुर द्वारा लगातार जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के अंतर्गत समिति ने शहरवासियों से गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन मां ताप्ती नदी में नहीं करने की अपील की है।

ताप्ती सेवा समिति, बुरहानपुर की पहल को अपना समर्थन देते हुए जिले के हिंदू समाज की महान शख्सियत एवं सनातन समाज के धार्मिक गुरु महंत पुष्करानंद गिरी जी महाराज ने भी श्रद्धालुओं एवं गणेश भक्तों से विशेष अपील की है कि भगवान श्री गणेश की प्रतिमाओं को मां ताप्ती में विसर्जित न करें।

पूज्य महंत पुष्करानंद गिरी जी महाराज ने कहा कि मां ताप्ती हमारे लिए केवल एक नदी नहीं, बल्कि श्रद्धा, आस्था और सनातन संस्कृति से जुड़ी पवित्र धारा है। भगवान श्री गणेश की आराधना और भक्ति के साथ प्रकृति एवं हमारी पवित्र नदियों की रक्षा करना भी हमारा धर्म और कर्तव्य है।

उन्होंने कहा कि गणेशोत्सव श्रद्धा और भक्ति का पर्व है। हम भगवान श्री गणेश की पूजा पूरे धार्मिक विधि-विधान और आस्था के साथ करें, लेकिन ऐसी कोई परंपरा न अपनाएं, जिससे मां ताप्ती की स्वच्छता प्रभावित हो।

पूज्य महंत पुष्करानंद गिरी जी महाराज की धार्मिक प्रतिष्ठा एवं श्रद्धालुओं के बीच उनके प्रभाव को देखते हुए उनकी यह अपील गणेश भक्तों तक पर्यावरण संरक्षण का संदेश पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

महंत पुष्करानंद गिरी जी महाराज ने श्रद्धालुओं से आग्रह किया है कि गणेश प्रतिमा की पूजा-अर्चना पूर्ण होने के बाद उसे मां ताप्ती में विसर्जित करने के बजाय ताप्ती सेवा समिति के माध्यम से संबंधित मूर्तिकारों को सौंपें।

समिति द्वारा मूर्तिकारों के सहयोग से ऐसी व्यवस्था को प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिसमें गणेश प्रतिमाओं का उचित तरीके से संरक्षण एवं पुनः उपयोग किया जा सके।

ताप्ती सेवा समिति का कहना है कि आज आवश्यकता इस बात की है कि हम अपनी धार्मिक परंपराओं को प्रकृति संरक्षण से जोड़ें। यदि शहर का प्रत्येक गणेश मंडल और प्रत्येक परिवार यह छोटा-सा संकल्प ले कि गणेश प्रतिमा मां ताप्ती में विसर्जित नहीं करेंगे, तो यह मां ताप्ती के संरक्षण की दिशा में एक बड़ा कदम होगा।

समिति ने गणेश मंडलों, श्रद्धालुओं और शहरवासियों से अपील की है कि वे पूज्य महंत पुष्करानंद गिरी जी महाराज की अपील को भी जनजागरूकता के संदेश के रूप में स्वीकार करें और गणेश प्रतिमाओं को पूजा के बाद ताप्ती सेवा समिति के माध्यम से मूर्तिकारों को सौंपें।

यह पहल केवल एक अभियान नहीं, बल्कि मां ताप्ती के प्रति हमारी श्रद्धा, जिम्मेदारी और आने वाली पीढ़ियों के लिए नदी को स्वच्छ एवं पवित्र बनाए रखने का संकल्प है।

By nit

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