‘बेटी बचाओ’ के नारों से नहीं, ठोस कार्रवाई से सुरक्षित होंगी बेटियां: महिला संगठन | New India Times

अबरार अहमद खान/मुकीज़ खान, भोपाल (मप्र), NIT:

दिल्ली में चलती बस में 16 वर्षीय किशोरी के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म की घटना के विरोध में ऑल इंडिया महिला सांस्कृतिक संगठन ने कड़ी नाराजगी जताते हुए राष्ट्रपति के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। संगठन ने घटना के आरोपियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई कर उन्हें कड़ी सजा दिए जाने की मांग की है।

संगठन की भोपाल जिला अध्यक्ष रितु श्रीवास्तव ने कहा कि दिल्ली की घटना बेहद गंभीर और चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि यह घटना वर्ष 2012 के निर्भया कांड की याद दिलाती है और महिलाओं एवं बच्चियों की सुरक्षा को लेकर सरकार तथा प्रशासन की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। उन्हों ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए प्रभावी निगरानी और रोकथाम के उपायों को और मजबूत किए जाने की आवश्यकता है।

‘बेटी बचाओ’ के नारों से नहीं, ठोस कार्रवाई से सुरक्षित होंगी बेटियां: महिला संगठन | New India Times

यह घटना महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने में पुलिस और प्रशासनिक विभागों की घोर विफलता का भी शर्मनाक प्रमाण है। यह भाजपा के नेतृत्व वाली तथाकथित ‘डबल इंजन’ सरकार के ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ जैसे खोखले नारों की वास्तविकता को उजागर करती है।

यह बेहद गंभीर बात है कि राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भी एक नाबालिग लड़की को बंधक बनाकर, पर्दे खींची हुई चलती गाड़ी के अंदर उसके साथ बलात्कार किया गया और उसे लगभग 47 किलोमीटर तक अंतरराज्यीय राजमार्गों से बिना किसी रोक-टोक के ले जाया गया। यह घटना रोकथाम आधारित पुलिस व्यवस्था, रात में निगरानी तथा परिवहन संबंधी नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन की पूरी तरह विफलता को दर्शाती है।

इस तरह के जघन्य अपराधों की बार-बार होने वाली घटनाएँ महिलाओं की सुरक्षा के प्रति लगातार बरती जा रही घोर उपेक्षा को उजागर करती हैं। हम पीड़िता और उसके परिवार के साथ दृढ़तापूर्वक एकजुटता व्यक्त करते हैं और केंद्र तथा राज्य सरकारों से ठोस एवं प्रभावी कार्रवाई करने की मांग करते हैं। उन्हों ने आरोप लगाया कि मध्य प्रदेश में भी 2,लाख 60 हजार  महिलाएं बच्चियां लापता हैं।हाल ही में मध्य प्रदेश के गुना में निर्भया जैसी घटना सामने आई मंगेतर के साथ घूमने गई एक युवती के साथ सामूहिक बलात्कार कर उसके। प्रायवेट पार्ट में लकड़ी डालने की भयावह घटना सामने आई वहीं नरसिंहगढ़ में 8 साल की मासूम बच्ची के साथ पड़ोसी ने अपहरण कर दुष्कर्म कर उसकी हत्या कर दी ,और हमारे शहर भोपाल में भी लगातार मासूम बच्चियों व महिलाओं पर घरेलू हिंसा,बलात्कार,सामूहिक बलात्कार जैसे अपराध की घटनाएं लगातार बढ़ रही है जिसका मुख्य कारण तमाम प्रकार का नशा , अश्लीलता  अपसंस्कृति है।  ऑल इंडिया महिला सांस्कृतिक संगठन सरकार से मांग करती है कि बच्चियों की सुरक्षा और महिलाओं की सुरक्षा के लिए ठोस उचित कदम उठाए जाएं।महिला संगठन ने विशेष रूप से स्कूल-कॉलेजों के आसपास, गरीब बस्तियों और रिहायशी इलाकों में कथित रूप से चल रहे नशीले पदार्थों के कारोबार पर सख्ती से रोक लगाने की मांग की। संगठन का कहना है कि नशे के अवैध कारोबार पर प्रभावी कार्रवाई किए बिना महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा से जुड़े प्रयासों को पूरी तरह सफल बनाना मुश्किल होगा।

‘बेटी बचाओ’ के नारों से नहीं, ठोस कार्रवाई से सुरक्षित होंगी बेटियां: महिला संगठन | New India Times

महिला संगठन की प्रमुख मांगें:

1) सरकारों और संबंधित प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा प्रमुख परिवहन मार्गों पर चलने वाले ऐसे वाहनों की निगरानी सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएँ, जो वर्तमान में पर्याप्त निगरानी के बिना संचालित हो रहे हैं।

2) अपराधियों के खिलाफ बिना किसी और देरी के तत्काल कार्रवाई की जाए और मामले की सुनवाई फास्ट-ट्रैक अदालत में कराकर दोषियों को कड़ी सजा दी जाए।

3) पीड़िता को पर्याप्त एवं आवश्यक चिकित्सकीय सहायता, निरंतर मनोवैज्ञानिक सहयोग और कानूनी सहायता सुनिश्चित की जाए। उसकी निजता और सुरक्षा की रक्षा के लिए उसकी पहचान एवं मामले से संबंधित जानकारी की पूर्ण गोपनीयता बनाए रखी जाए।

4) अंतरराज्यीय सीमाओं से जुड़े सभी संबंधित प्राधिकरणों द्वारा अनिवार्य सुरक्षा उपायों को सख्ती से लागू किया जाए, जिनमें कार्यशील SOS व्यवस्था, अनिवार्य लाइव GPS ट्रैकिंग, प्रभावी CCTV निगरानी, परिवहन संचालकों का कड़ा सत्यापन तथा सभी प्रमुख मार्गों पर पर्याप्त एवं स्पष्ट पुलिस उपस्थिति सुनिश्चित करना शामिल है।

5)देश व मध्य प्रदेश में तमाम प्रकार के नशे के कारोबार पर रोक लगाई जाए।

6) महिलाओं और मासूम बच्चियों की सुरक्षा को सुनिश्चित किया जाए।

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