अबरार अहमद खान/मुकीज़ खान, भोपाल (मप्र), NIT:
दिल्ली के साकेत पुलिस स्टेशन में न्यूज कवरेज के दौरान मुख्यमंत्री से सवाल पूछने पर महिला पत्रकारों के साथ कथित मारपीट और पुलिस हिरासत में दुर्व्यवहार का मामला सामने आया है। प्रेस क्लब ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स (PCWJ) एवं एडिटर्स काउंसिल ऑफ इंडिया ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की है।

संगठनों की ओर से जारी संयुक्त प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, महिला पत्रकार शाहीन खान और नफीसा खान के साथ पुलिस हिरासत में कथित मारपीट की गई। संगठनों ने इसे पत्रकारों की स्वतंत्रता के साथ साथ महिला सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला बताया है।
प्रेस क्लब ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. सैयद खालिद कैस (एडवोकेट) ने कहा कि खबर संकलन के दौरान महिला पत्रकारों के साथ इस तरह का कथित अमानवीय व्यवहार अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि पत्रकारों को सवाल पूछने और अपना काम करने से रोकना लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
वहीं राष्ट्रीय संगठन महासचिव श्रीमती राशि दीप (मुंबई) ने दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि पत्रकार सवाल नहीं पूछेंगे तो लोकतंत्र की आवाज कैसे सामने आएगी।प्रेस क्लब ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स के राष्ट्रीय महासचिव रियाज खान (राजस्थान) एवं राष्ट्रीय संगठन सचिव शाश्वती दास (कोलकाता) ने संयुक्त रूप से मांग की है कि
घटना में शामिल दोषी पुलिसकर्मियों को तत्काल निलंबित किया जाए।
पीड़ित पत्रकारों के विरुद्ध दर्ज झूठे मामलों को तुरंत वापस लिया जाए।
दिल्ली के पुलिस कमिश्नर इस मामले में माफी मांगते हुए महिला पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करें।
संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि 24 घंटे के भीतर कार्रवाई नहीं की गई तो देशभर की संगठन की प्रदेश इकाइयां दिल्ली पुलिस के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करेंगी और गृह मंत्रालय को ज्ञापन सौंपेंगी।

