बुढ़ी के चिवड़े की राखी से यवतमालकरों को ‘वर्ल्ड रिकॉर्ड’ का न्योता, एस.एल. फाउंडेशन के ‘सुरक्षा बंधन’ उपक्रम में अनूठी पहल; 27 अक्टूबर को दाते कॉलेज मैदान में होगा चिवड़ा सेवा वितरण का विश्व रिकॉर्ड बनाने का प्रयास | New India Times

मक़सूद अली, ब्यूरो चीफ, यवतमाल (महाराष्ट्र), NIT:

बुढ़ी के चिवड़े की राखी से यवतमालकरों को ‘वर्ल्ड रिकॉर्ड’ का न्योता, एस.एल. फाउंडेशन के ‘सुरक्षा बंधन’ उपक्रम में अनूठी पहल; 27 अक्टूबर को दाते कॉलेज मैदान में होगा चिवड़ा सेवा वितरण का विश्व रिकॉर्ड बनाने का प्रयास | New India Times

यवतमाल की पारंपरिक खाद्य संस्कृति और वर्ष 1936 से चली आ रही प्रसिद्ध ‘बुढ़ी का चिवड़ा’ की पहचान को देश-दुनिया तक पहुंचाने की दिशा में एस.एल. फाउंडेशन ने अनूठी पहल की है। फाउंडेशन के सामाजिक उपक्रम ‘सुरक्षा बंधन’ के तहत इस वर्ष बुढ़ी के चिवड़े की विशेष राखियां तैयार कर नागरिकों को 27 अक्टूबर को आयोजित होने वाले प्रस्तावित विश्व रिकॉर्ड कार्यक्रम में शामिल होने का न्योता दिया गया।
दाते कॉलेज स्थित एस.एल. फाउंडेशन की ओर से पिछले तीन वर्षों से सामाजिक संदेश के साथ ‘सुरक्षा बंधन’ उपक्रम चलाया जा रहा है। इस बार इसे यवतमाल की पारंपरिक खाद्य पहचान से जोड़ते हुए बुढ़ी के चिवड़े के सेवा वितरण का विश्व रिकॉर्ड बनाने के लिए जनजागरण अभियान चलाया गया।

बुढ़ी के चिवड़े की राखी से यवतमालकरों को ‘वर्ल्ड रिकॉर्ड’ का न्योता, एस.एल. फाउंडेशन के ‘सुरक्षा बंधन’ उपक्रम में अनूठी पहल; 27 अक्टूबर को दाते कॉलेज मैदान में होगा चिवड़ा सेवा वितरण का विश्व रिकॉर्ड बनाने का प्रयास | New India Times

27 अक्टूबर 2026 को दाते कॉलेज मैदान में प्रस्तावित आयोजन में प्रसिद्ध सेलिब्रिटी शेफ विष्णु मनोहर और प्राजक्ता शहापुरकर की सहभागिता रहेगी, जबकि अभिनेत्री मृणाल कुलकर्णी का मार्गदर्शन प्राप्त होगा।
अभियान की शुरुआत जिला पुलिस अधीक्षक कुमार चिंता को बुढ़ी के चिवड़े की विशेष राखी बांधकर की गई। इसके बाद विभिन्न कार्यालयों में पत्रकारों और सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों को राखियां बांधकर कार्यक्रम की जानकारी दी गई तथा आयोजन में शामिल होने का निमंत्रण दिया गया।
फाउंडेशन की महिला सदस्यों ने पर्यावरणपूरक सामग्री से बुढ़ी के चिवड़े का चित्र अंकित विशेष राखियां तैयार कीं। इन राखियों को विभिन्न सामाजिक संस्थाओं को भी भेजा गया। इनमें नंदादीप फाउंडेशन, आम्ही सारी सावित्री, सेवा समर्पण दिव्यांग संघ, मातोश्री सुशीलाबाई नागापुरे वृद्धाश्रम और जिव्हाळ्याची भिंत अन्नछत्र सेवा सहित अन्य संस्थाएं शामिल हैं।

बुढ़ी के चिवड़े की राखी से यवतमालकरों को ‘वर्ल्ड रिकॉर्ड’ का न्योता, एस.एल. फाउंडेशन के ‘सुरक्षा बंधन’ उपक्रम में अनूठी पहल; 27 अक्टूबर को दाते कॉलेज मैदान में होगा चिवड़ा सेवा वितरण का विश्व रिकॉर्ड बनाने का प्रयास | New India Times

लगातार तीसरे वर्ष आयोजित ‘सुरक्षा बंधन’ उपक्रम से प्राप्त 12,542 रुपये की सेवा सहयोग राशि का उपयोग छठे श्रमसंस्कार पुरस्कार समारोह के लिए किया जाएगा। आकाशवाणी पर आयोजित विशेष साक्षात्कार के साथ इस वर्ष के उपक्रम का समापन हुआ।
इस अवसर पर आरती कामघंटे, प्रचिती काळे, सविता ढाले, अविनाश बोबडे, नितीन हेमणे, जीवन पळसोकर, अश्विन सवालाखे, मंगेश शेटे, आशिष गायकी, विनोद एकुंडवार, मंगेश चौधरी, आशिष हिंगलासपुरकर सहित फाउंडेशन के सदस्य उपस्थित रहे।

लघु फिल्म और पथनाट्य से होगा प्रचार
यवतमाल की खाद्य संस्कृति और पारंपरिक स्वाद को देश-दुनिया तक पहुंचाने के लिए वर्ष 1936 से चली आ रही बुढ़ी के चिवड़े की परंपरा पर आधारित लघु फिल्म तैयार की जा रही है। इसके अलावा पथनाट्य भी तैयार किया गया है। अक्टूबर में स्कूली विद्यार्थियों और महाविद्यालयीन युवाओं के माध्यम से शहर के विभिन्न हिस्सों में इसका प्रदर्शन किया जाएगा।

बाहर बसे यवतमालकरों ने पहले ही सुनिश्चित की मौजूदगी
27 अक्टूबर को होने वाले विश्व रिकॉर्ड कार्यक्रम में बुढ़ी का चिवड़ा और माल्टोवा का स्वाद लेने के लिए वर्धा, अमरावती, नागपुर, मुंबई, पुणे, लातूर, बुलढाणा, छत्रपति संभाजीनगर और नासिक सहित विभिन्न शहरों में बसे दाते कॉलेज के पूर्व विद्यार्थियों ने अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करने की तैयारी शुरू कर दी है। कार्यक्रम की तारीख पिछले वर्ष ही तय होने के कारण बाहर बसे यवतमालकरों में भी इस अनूठे आयोजन को लेकर खासा उत्साह है।

By nit

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