अबरार अहमद खान/मुकीज़ खान, भोपाल (मप्र), NIT:
शहर के ऐतिहासिक भोपाल गेट (विलीनीकरण शहीद स्मृति द्वार) पर लगाए गए जन्मदिन के बैनर को लेकर उठे सवालों के बाद प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए बैनर हटवा दिया। शहीदों की स्मृति से जुड़े इस ऐतिहासिक स्थल पर निजी प्रचार के लिए बैनर लगाए जाने को लेकर नागरिकों में नाराजगी थी।
भोपाल गेट केवल शहर का एक प्रमुख प्रवेश द्वार नहीं, बल्कि भोपाल रियासत के विलीनीकरण से जुड़े शहीदों की स्मृतियों का प्रतीक भी माना जाता है। ऐसे महत्वपूर्ण स्मृति स्थल पर जन्मदिन के बैनर लगाए जाने से इसकी गरिमा और ऐतिहासिक महत्व को लेकर सवाल खड़े हुए थे।
मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने तत्काल संज्ञान लेते हुए बैनर हटवा दिया। कार्रवाई के बाद स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐतिहासिक और शहीद स्मारकों को निजी अथवा राजनीतिक प्रचार का माध्यम नहीं बनाया जाना चाहिए।
नागरिकों का कहना है कि शहर के ऐतिहासिक स्थलों की सुरक्षा और गरिमा बनाए रखना प्रशासन के साथ साथ आम नागरिकों की भी जिम्मेदारी है। ऐसे स्थानों पर अनधिकृत बैनर और पोस्टर लगाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
बैनर हटवाए जाने के बाद अब सवाल यह है कि ऐतिहासिक स्मारकों को प्रचार सामग्री से मुक्त रखने के लिए क्या स्थायी व्यवस्था भी की जाएगी?

